नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने बुधवार को आतंकवाद रोधी और सैन्य पहलुओं सहित कई स्तरों पर भारत – अमेरिका संबंधों में अवसरों का जिक्र किया और कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य विश्व के दो सबसे पुराने लोकतंत्रों के बीच संबंध मजबूत करना है. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत बनने के बाद उनका भारत का यह पहला दौरा है. निक्की ने कहा कि धार्मिक आजादी लोगों की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों की तरह ही महत्वपूर्ण है.Also Read - सिक्किम सेक्टर में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हॉटलाइन स्थापित

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निक्की ने भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर के साथ यहां मुगल शासक हुमायूं के मकबरे का दौरा किया और अपनी यात्रा को स्वदेश वापसी बताया. उन्होंने कहा, ‘‘भारत में वापस आने पर मैं गदगद हूं, यह उतना ही खूबसूरत है जितना सुंदर होने की मुझे याद है. घर वापस आना हमेशा अच्छा होता है.’’ Also Read - GST कलेक्‍शन 33 फीसदी बढ़ा, सरकार के खजाने में आए 1.16 लाख करोड़ रुपए

निक्की ने कहा, ‘‘मेरे माता पिता ने कहा कि मैं पागल हूं कि साल के इस समय में भारत आ रही हूं क्योंकि अभी बहुत गर्मी है लेकिन मैं आपको बताऊं कि गर्मी भारत में वापस आने लायक है.’’

अमेरिका – भारत संबंधों की मजबूती के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि ये दोनों देश सबसे पुराने लोकतंत्र हैं जो लोगों के मूल्यों, स्वतंत्रता और अवसरों को साझा करते हैं. निक्की ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच कई चीजें समान हैं अैर उनकी यात्रा का उद्देश्य दोस्ती को मजबूत करना है.

दो दिवसीय यात्रा के दौरान निक्की वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों, कारोबारी नेताओं और छात्रों से मुलाकात करेंगी. इससे पहले वह 2014 में भारत के दौरे पर आई थीं और उस समय वह दक्षिण कैरोलीना की गवर्नर थीं.

(इनपुट: एजेंसी)