Kisan Andolan: केन्द्र के नए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार नौंवे दिन शुक्रवार को भी किसानों का प्रदर्शन जारी रहने के मद्देनजर पुलिस ने दिल्ली को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग बंद रखे जिसके कारण राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख सीमा बिंदुओं पर यातायात बेहद धीमा रहा. Also Read - सरकार और किसानों की आज होने वाली बैठक टली, अब 20 जनवरी को होगी अगली मीटिंग

इसी को देखते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें कहा गया है कि किसानों का आंदोलन दोनों शहरों (दिल्ली-नोएडा) में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अवरुद्ध कर रहा है. उत्तर प्रदेश के किसानों के एक समूह ने बृहस्पतिवार को दिल्ली को गाजियाबाद से जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग-24 बंद कर दिया था, जिससे वहां से राष्ट्रीय राजधानी आ रहे लोगों को परेशानी हुई. Also Read - Kisan Andolan: कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की पहली बैठक कल

याचिकाकर्ता के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए, अधिवक्ता ओम प्रकाश परिहार ने कहा कि याचिका दिल्ली-एनसीआर के सीमावर्ती क्षेत्रों से आंदोलनरत किसानों को तत्काल हटाने के लिए निर्देश देने के लिए दायर की गई है. Also Read - भगोड़े शराब कारोबारी Vijay Mallya को कब लाया जाएगा भारत, क्यों हो रही देर? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दी यह जानकारी

इससे पहले यातायात पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ गाजियाबाद से दिल्ली आ रहे लोगों के लिए गाजीपुर में एनएच-24 पर दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर शुक्रवार को भी यातायात के लिए बंद रहा.’’ दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘लोगों को दिल्ली आने के लिए एनएच-24 की बजाय अप्सरा /भोपुरा बॉर्डर से आने का सुझाव दिया गया है.’’

गौतमबुद्ध द्वार के पास किसानों के प्रदर्शन के कारण ‘नोएडा लिंक रोड’ पर चिल्ला बॉर्डर बंद है. लोगों को दिल्ली जाने के लिए ‘नोएडा लिंक रोड’ से बचने और डीएनडी का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है. किसानों के केन्द्र के नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े रहने के मद्देनजर पुलिस ने सिंघु, लांपुर, औचंदी, सफियाबाद, पियाओ मनियारी और सबोली पर दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर को यातायात के लिए बंद ही रखा.

उसने कहा कि दिल्ली और हरियाणा के बीच ढांसा, दौराला, कापसहेड़ा, रजोकरी एनएच-8, बिजवासन/ बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं. उसने ट्वीट किया, ‘‘ बडोसराय बॉर्डर केवल कार और दो-पहिया जैसे हल्के वाहनों के लिए खुला है. झटीकरा बॉर्डर केवल दो-पहिया वाहनों के लिए खुला है.’’

यातायात पुलिस ने कहा कि मुकरबा चौक और जीटीके रोड पर मार्ग परिवर्तित किया गया है. बाहरी रिंग रोड, जीटीके रोड, एनएच-44 पर जाने से बचें. उत्तर प्रदेश के प्रदर्शनकारी किसानों ने ‘यूपी गेट’ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-9 को जाम कर दिया है. वहीं पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली आने वाले दूसरे प्रवेश मार्गों पर डटे हैं.

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कृषि कानून को वापस ना लिए जाने पर दिल्ली आ रहे अन्य मार्गों को भी जाम करने की बुधवार को चेतावनी दी थी. प्रदर्शन के शुक्रवार को नौवें दिन भी जारी रहने के मद्देनजर सिंघु, टिकरी, चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर पर अब भी सुरक्षा कर्मी तैनात हैं. सरकार के साथ बृहस्पतिवार को किसानों की बातचीत एक बार फिर बेनतीजा रहने के बाद, प्रदर्शन के आगे भी जारी रहने का अनुमान है.

भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत ने गाजीपुर में प्रदर्शन स्थल पर एक ‘महा पंचायत’ की. उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के मुद्दे पर कोई बीच का रास्ता नहीं है. साथ ही उन्होंने सरकार को किसानों को लिखित आश्वासन देने की बात भी कही.

(इनपुट भाषा)