नई दिल्ली. सेंट्रल यूनिवर्सिटीज पर सरकार के ऑडिट में ये सुझाव दिया गया है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के नाम से मुस्लिम और हिंदू हटा दिए जाएं. ऐसा होने के पीछे तर्क दिया गया है कि इससे उनका सेक्युलर कैरेक्टर दिखाई देगा. Also Read - Coronavirus: घर में कैसे बनाए सेनिटाइजर? IIT बीएचयू ने बताया ये आसान तरीका

10 सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी जिसके बाद एचआरडी मिनिस्ट्री के आदेश पर यूजीसी ने 25 अप्रैल को 5 कमिटियों का गठन किया था. एएमयू के ऑडिट ने बीएचयू को कवर तो नहीं किया लेकिन संस्थान का नाम अपनी रिपोर्ट में इंगित किया है. Also Read - AMU: कुलपति ने 22 मार्च तक स्थगित की कक्षाएं, 31 मार्च तक नहीं होगा कोई बड़ा प्रोग्राम

एएमयू से इतर जिन विश्‍वविद्यालयों का ‘शैक्षिक, शोध, वित्‍तीय और मूलभूत संरचना ऑडिट’ कराया गया, उनमें पांडिचेरी यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, उत्‍तराखंड की हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी, झारखंड की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, राजस्‍थान की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्‍मू की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, वर्धा का महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिन्‍दी विश्‍वविद्यालय, त्रिपुरा की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, मध्‍य प्रदेश की हरि सिंह गौर यूनिवर्सिटी शामिल हैं. Also Read - 3500 Year Old Shivling: बनारस के पास खुदाई में BHU को मिला हजारों साल पुराना सफेद शिवलिंग, मूर्तियां

एएमयू और पांडिचेरी का निरीक्षण करने वाली कमेटी में आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर श्रीपाद करमालकर, म‍हर्षि दयानंद सरस्‍वती यूनिवर्सिटी के वीसी कैलाश सोदानी, गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मजहर आसिफ और आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर संकर्षण बसु शामिल थे. एएमयू ऑडिट में कमेटी ने सुझाव दिया कि संस्‍थान को या तो सिर्फ ‘अलीगढ़ यूनिवर्सिटी’ कहा जाए या फिर इसके संस्‍थापक, सर सैयद अहमद खान के नाम पर रख दिया जाए. यही वजह बीएचयू का नाम बदलने के लिए भी दी गई.