नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम का दावेदार बनने की उनकी कोई इच्छा नहीं है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं अभी जिस जगह पर हूं वहां खुश हूं. उनसे सवाल किया गया था कि क्या 2019 में नरेंद्र मोदी की जगह बीजेपी की तरफ से वह प्रधानमंत्री पद का चेहरा होंगे? केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इससे साफ साफ इंकार कर दिया.

कमलनाथ के सीएम बनने पर भाजपा विधायक का तंज- ‘लड़का दिखाकर बुड्ढे से ब्‍याह दिया’

दरअसल महाराष्ट्र के प्रमुख किसान नेता व वसंतराव नाईक शेटी स्वावलंबन मिशन (वीएनएसएसएम) के अध्यक्ष किशोर तिवारी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव भैयाजी सुरेश जोशी को पत्र लिखने के बाद पीएम के चेहरे के तौर पर गडकरी का नाम सामने आने लगा था. तिवारी ने पत्र में लिखा था कि अगर भाजपा 2019 का चुनाव जीतना चाहती है तो ‘अहंकारी’ मोदी को हटाकर ‘विनम्र’ नितिन गडकरी को उनकी जगह ले आए.

मध्य प्रदेश: कांग्रेस में शामिल होंगे चारों निर्दलीय विधायक, कमलनाथ की सरकार को मिलेगी और मजबूती

एएनआई से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं अभी जो हूं उससे खुश हूं. मुझे गंगा प्रोजेक्ट पूरा करना है. एक्सेस कंट्रोल हाइवे का निर्माण करना है. मैं चारधाम रोड और अन्य प्रोजेक्ट को पूरा करना चाहता हूं. मैं जो काम कर रहा हूं उससे खुश हूं और इसे पूरा करना चाहता हूं.

किशोर तिवारी का पत्र सामने आने के बाद अमित शाह ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने नेतृत्व में बदलाव की बात को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा था कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही 2019 का चुनाव लड़ेगी. ‘रिपब्लिक टीवी’ के समिट ‘सर्जिग इंडिया’ में उन्होंने कहा, “नेतृत्व में बदलाव का प्रश्न ही नहीं उठता. मोदीजी के नेतृत्व में ही राजग 2019 का चुनाव लड़ेगी.

शिवराज सिंह चौहान बोले- टाइगर जिंदा है, हो सकता है सत्ता में वापसी के लिए 5 साल न लगे

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष के प्रस्तावित ‘महागठबंधन’ का मजाक उड़ाते हुए कहा कि यह कमजोरों की एकजुटता है. गडकरी ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे. गडकरी ने 1971 में विपक्षी एकता के खिलाफ इंदिरा गांधी की जीत की याद दिलाते हुए कहा कि मोदी 2019 के चुनाव में वैसी ही जीत हासिल करेंगे.