Republic Day: 10 प्वाइंट में जानिए कर्तव्य पथ पर कैसे दिखी भारत की वायुसेना, सेना और नौसेना की ताकत

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Updated Date:January 26, 2026 2:33 PM IST

कर्तव्य पथ पर परेड में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को प्रमुखता से दिखाया गया. इस दौरान आसमान में वायुसेना के 29 विमानों ने उड़ान भरी. 10 प्वाइंट में जानिए गणतंत्र दिवस परेड में क्या खास रहा.

Republic Day Parade: भारत ने 77वें गणतंत्र दिवस पर अपनी सांस्कृतिक विविधता, आर्थिक विकास और सैन्य कौशल का भव्य प्रदर्शन किया. कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइलों, युद्धक विमानों और एयर डिफेंस सिस्टम का भी प्रदर्शन हुआ. कर्तव्य पथ पर परेड में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को प्रमुखता से दिखाया गया. इस दौरान आसमान में वायुसेना के 29 विमानों ने उड़ान भरी. 10 प्वाइंट में जानिए गणतंत्र दिवस परेड में क्या खास रहा.

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सेना ने किया 'बैटल एरे' फॉर्मेट का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भारतीय सेना ने 'बैटल एरे' फॉर्मेट का प्रदर्शन किया. 'बैटल एरे' यानी रणभूमि व्यूह रचना. इसके माध्यम से दिखाया गया कि कैसे जंग के समय सेना आगे बढ़ती है, हमला कैसे किया जाता है और कैसे दुश्मन को जवाब देते हैं. सेना के खास टैब्लो ने एक इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस सेंटर को भी दिखाया.

टी-90 भीष्म और मेन बैटल टैंक अर्जुन दिखे

टी-90 भीष्म और मेन बैटल टैंक अर्जुन सलामी मंच के सामने से गुजरे. इसी दौरान अपाचे एएच-64 ई और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ने आसमान में गर्जना की. मैकेनाइज्ड कॉलम में बीएमपी-2 इन्फेंट्री कॉम्बैट व्हीकल और साथ में नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) एमके-2 शामिल रही.

मुख्य मंच पर 'ऑपरेशन सिंदूर' की झलक

कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का झंडा दिखाकर दुनिया को भारत के शौर्य की याद दिलाई. इस मौके पर भारतीय रक्षा बलों की ट्राई-सर्विसेज झांकी भी दिखाई गई. इस प्रदर्शन में इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को दिखाया.

दिव्यास्त्र को शक्तिबाण के साथ दिखाया गया

झांकी के कॉम्बैट सपोर्ट एलिमेंट्स सेगमेंट में दिव्यास्त्र को शक्तिबाण के साथ दिखाया गया. ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम भी लोगों के सामने से गुजरा जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के ठिकानों पर निर्णायक हमले किए थे. शक्तिबाण और दिव्यास्त्र में झुंड वाले ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम और स्वदेशी रूप से विकसित हाइब्रिड हथियार देखने को मिले जो तोपखाने की मारक क्षमता बढ़ाते हैं.

परेड में दिखी सेना की अनदेखी ताकत

पूरे देश ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस पर एक दुर्लभ नजारा देखा जब भारतीय सेना की रिमाउंट एंड वेटरनरी कोर (आरवीसी) की एक विशेष रूप से तैयार की गई पशु टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया. इस विशेष दल में दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जांस्कर टट्टू, चार प्रशिक्षित शिकारी पक्षी (रैप्टर्स), दस स्वदेशी नस्ल के आर्मी डॉग और वर्तमान में सेवा में तैनात छह पारंपरिक सैन्य कुत्ते शामिल थे.

परेड में प्रदर्शित प्रमुख हथियार

परेड में प्रदर्शित प्रमुख हथियार प्रणालियों में ब्रह्मोस और आकाश हथियार प्रणाली, रॉकेट लॉन्चर 'सूर्यास्त्र', मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन और स्वदेशी रूप से निर्मित सैन्य प्लेटफार्मों और हार्डवेयर की एक श्रृंखला शामिल थी.

ब्रह्मोस और एस-400 देखते ही बजीं तालियां

ब्रह्मोस और एस-400 मिसाइलों जैसी हथियार प्रणालियों के सलामी मंचे के सामने आते ही खूब तालियां बजीं. परेड में भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया बख्तरबंद वाहन भी शामिल हुआ.

प्रहार फॉर्मेशन में हेलीकॉप्टर

हवाई सहायता प्रदान करने के लिए स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और इसका सशस्त्र संस्करण रुद्र प्रहार फॉर्मेशन में दिखे. अपाचे एएच-64ई और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर भी उड़ान भरते दिखे.

वायुसेना का फ्लाई पास्ट

वायुसेना के फाइटर जेट्स में फ्लाई पास्ट के दौरान आसमान में 'सिंदूर' फॉर्मेशन बनाया. इस फॉर्मेशन में 2 राफेल, 2 मिग 29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान नजर आए. 7वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वायुसेना के कुल 29 विमान कर्तव्य पथ के ऊपर आसमान में नजर आए. इनमें 16 फाइटर जेट, 4 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 9 हेलीकॉप्टर शामिल थे.

पहली बार दिखी हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने अपनी हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल एलआर-एएसएचएम का प्रदर्शन किया.स्वदेशी एवियोनिक्स सिस्टम और हाई एक्यूरेसी सेंसर से लैस इस मिसाइल को नेवी के लिए एंटी शिप हथियार के रूप में विकसित किया गया है. नौसेना की झांकी भी सलामी मंच के सामने से गुजरी जिसमें 5वीं शताब्दी के जहाज को दर्शाया गया. इसे अब आईएनएसवी कौंडिन्य के रूप में नामित किया गया है.

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