नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को संयुक्त सचिव के पदों पर नियुक्त किए जाने की प्रक्रिया में हो सकता है कि उन्हें अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों के लिए तय आरक्षण के लाभ नहीं मिल सके. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने मंगलवार को कहा कि घोषित किए गए पद अस्थायी हैं. उन्होंने कहा, ” ये 10 पद अस्थायी हैं. ये नियुक्तियां तीन साल के लिए होंगी. सरकार सभी स्थायी पदों पर आरक्षण (नीति) लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.” केंद्रीय मंत्री की इस टिप्पणी का  क्याा अर्थ यह है कि सीधी भर्ती के जरिए भरे जाने वाले संयुक्त सचिव के 10 पदों पर आरक्षण लागू होने की संभावना नहीं है. Also Read - Haryana में प्राइवेट सेक्‍टर में 75 फीसदी आरक्षण, विधानसभा ने बिल को हरी झंडी दिखाई

केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने हाल ही में सीधी भर्ती प्रक्रिया के जरिए चुनिंदा सरकारी विभागों में संयुक्त सचिवों के 10 पदों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था ताकि निजी क्षेत्र की प्रतिभाएं अस्थायी तौर पर सरकार को अपनी सेवाएं दे सकें. Also Read - Reservation for Kashmiri Pandits: AICTE का बड़ा फैसला, कश्मीरी पंडित या घाटी के हिंदू परिवारों को कॉलेज एडमिशन में मिलेगा आरक्षण 

बता दें कि केंद्र ने 15 जून को अपने सभी विभागों और राज्य सरकारों को कहा था कि वे एससी-एसटी श्रेणियों के कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण के नियम पर अमल करें. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया था.
इन पदों पर निजी क्षेत्र के पेशेवर होंगे
सरकार ने निजी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए नौकरशाही का दरवाजा खोलते हुए बीते 10 जून संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षाओं के विपरीत सीधे संयुक्त सचिव स्तर के पदों के लिए 10 आवेदन मंगाए. सरकार ने कहा कि प्रस्ताव का मकसद शासन प्रणाली में नए विचार व नजरिए को शमिल करना और मानवशक्ति में इजाफा करना है. Also Read - हरियाणा में प्राइवेट कंपनियों में अब राज्य के ही लोगों को नौकरी मिलना होगा आसान, अध्यादेश को मंजूरी

राष्ट्र निर्माण में योगदान का हवाला
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, भारत सरकार ने राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए संयुक्त सचिव स्तर पर सरकार में शामिल होने के इच्छुक मेधावी और अभिप्रेरित भारतीय नागरिकों को आमंत्रित करने का फैसला किया है.

संयुक्त सचिव की ये भूमिका
संयुक्त सचिव सरकार में वरिष्ठ प्रबंधन का महत्वपूर्ण स्तर पर होते हैं, जो अपने विभागों में नीति निर्माण और विभिन्न कार्यक्रमों व योजनाओं के कार्यान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं. वह संबंधित मंत्रालयों में सचिव व अतिरिक्त सचिव को रिपोर्ट करते हैं. संयुक्त सचिव के पद आमतौर पर यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से भरे जाते हैं.

इन क्षेत्रों में की जा रही भर्ती
अधिसूचना के अनुसार, राजस्व, वित्त सेवा, आर्थिक मामलों, कृषि, सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, पर्यावरण और वन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, नागरिक उड्डयन और वाणिज्य के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त आवेदक इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं.

राज्य सरकारों और केंद्रीय या राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के आवेदक प्रतिनियुक्त पर रखे जाएंगे, जबकि निजी क्षेत्र के उम्मीदवारों की नियुक्ति संविदा के आधार पर होगी. नीति आयोग ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया था. नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा था कि ये काफी समय से यह लंबित था.  (इनपुट- एजेसी)