नई दिल्ली: मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण व्यवस्था पहले की तरह बरकरार रहेगी. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी और अगर यह याचिका खारिज होती है तो अध्यादेश लाने का विकल्प खुला हुआ है.Also Read - प्रमोशन में रिजर्वेशन का मुद्दा: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SC-ST कर्मचारियों के पक्ष में रखी ये दलीलें

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आरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के गणेश सिंह और सपा के धर्मेंद्र यादव के पूरक प्रश्नों के उत्तर में जावड़ेकर ने कहा कि आरक्षण की व्यवस्था पहले की तरह बरकरार रहेगी और 13 सूत्री रोस्टर लागू नहीं होगा. जावड़ेकर ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है तथा इस मुद्दे पर सरकार पुनरीक्षण याचिका दायर करेगी और उसे उच्चतम न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद है. जावड़ेकर ने कहा कि अगर पुनर्विचार याचिका खारिज होती है तो अध्यादेश लाने का रास्ता खुला हुआ है. उन्होंने उम्मीद जताई कि 13 सूत्री रोस्टर की व्यवस्था लागू नहीं होगी और पुरानी व्यवस्था के तहत ही नियुक्तियां होंगी.(इनपुट एजेंसी)

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