नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू कश्मीर में सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का लाभ देने वाला आदेश शुक्रवार रात जारी कर दिया. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय कैबिनेट की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में यह आदेश जारी करने का निर्णय होने के बाद इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है.

इसके साथ ही, सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़ों को दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था जम्मू कश्मीर में भी लागू हो गई. अधिकारी ने कहा कि यह जम्मू कश्मीर के सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के युवाओं को राज्य सरकार की नौकरियों में आरक्षण का रास्ता साफ करेगा. देश के अन्य भागों में इस आरक्षण की व्यवस्था जनवरी 2019 में 103वें संविधान संशोधन के जरिये लागू हुई थी.

जेटली ने ये कहा था
बता दें कि गुरुवार को जम्मू कश्मीर में सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को आरक्षण का लाभ देने के लिए एक आदेश को अपनी मंजूरी दे दी थी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में किया गया था. उन्होंने कहा कि यह संविधान (77वां संशोधन) अधिनियम, 1995 और संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 के जरिये संशोधित भारत के संविधान के संबंधित प्रावधानों को जम्मू कश्मीर में लागू करने में मदद करेगा. यह राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 370 के उपबंध (1) के तहत संविधान (जम्मू कश्मीर पर लागू) संशोधन आदेश 2019 जारी करने के जरिये होगा.

भारत लौटने पर विंग कमांडर अभिनंदन का पहला बयान, कहा- देश लौटकर खुश हूं

दूसरी तरफ नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने शुक्रवार को कहा कि वे जम्मू-कश्मीर में किसी निर्वाचित सरकार के अभाव में भारतीय संविधान के 77वें एवं 103वें संशोधन को राज्य में लागू करने के केंद्र के निर्णय के खिलाफ अदालत का रुख करने पर विचार कर रहे हैं. दोनों पार्टियों ने यह प्रतिक्रिया उस वक्त जाहिर की जब केंद्र सरकार ने गुरूवार को उस अध्यादेश को मंजूरी दी जिसके तहत जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जातियों (एससी) एवं अनुसूचित जनजातियों (एसटी) को आरक्षण का लाभ दिए जाने का प्रावधान है. राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के एक प्रावधान में संशोधन कर यह व्यवस्था की गई.

मुफ्ती ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘भारत सरकार आग में घी डालने और हालात को काबू से बाहर जाने देने पर क्यों तुली है? कश्मीरियों को मजबूर क्यों किया जा रहा है? पीडीपी इस लड़ाई को अदालतों में पूरी मजबूती से लड़ने के लिए समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ काम करने के लिए तैयार है.