नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी की 1,797 अवैध कॉलोनियों में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी. न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह विशेष कार्य बल (एसटीएफ) गठित कर दिल्ली में सार्वजनिक जमीन और सड़कों से अतिक्रमण हटाए.

सर्वोच्च न्यायालय ने शहर के मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधनों पर लगी रोक हटाने की दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की याचिका भी खारिज कर दी. खंडपीठ ने कहा, “जहां अधिकृत कॉलोनियां हैं, जो नियम और कानून का पालन करती हैं, वहां अनधिकृत कालॉनियां भी हैं, जो नियम और कानूनों का पालन नहीं करती हैं.. अनधिकृत कॉलोनियां अधिकृत कॉलोनियों से बेहतर स्थिति में नहीं हो सकतीं.”

अनधिकृत कॉलोनियों पर कानून लागू नहीं होता..
पीठ ने निर्णय दिया कि जब तक अनधिकृत कॉलोनियां नियम-कानून का पालन न करें, वहां निर्माण कार्य रोक दिया जाए. वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार द्वारा अपील दायर करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय आया है. उन्होंने कहा था कि अनधिकृत कॉलोनियों पर कानून लागू नहीं होता, इसलिए वहां निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं. (इनपुट-एजेंसी)