नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर 13 स्कूली बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद रेलवे ने मानवरहित क्रॉसिंग की सुरक्षा के लिए सेवानिवृत्त रेलकर्मियों की सेवा लेने का फैसला लिया है. इनकी मानवरहित क्रॉसिंगों पर तैनाती की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए रेलवे एक समिति का गठन करेगा. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पिछले महीने मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूली बच्चों को ले जा रही एक वैन के ट्रेन से टकराने पर 13 बच्चों की मौत हो गई और आठ जख्मी हो गए.

देशभर में 5,792 मानवरहित क्रॉसिंग हैं, जिनमें 3,479 ब्रॉड गेज सेक्शन पर हैं. गुजरात में सबसे ज्यादा 1,700 मानवरहित लेवल क्रॉसिंग हैं. इसके बाद उत्तर प्रदेश में 912, बिहार में 742, राजस्थान में 464, पश्चिम बंगाल में 314 और मध्यप्रदेश में 255 लेवल क्रॉसिंग हैं.

रेलवे की पहली प्राथमिकता ब्रॉड गेज पर 3,479 मानवरहित लेवल क्रॉसिंग को समाप्त करना है, ताकि कुशीनगर जैसी दुघर्टना दोबारा न हो. हालांकि इसमें जमीन अधिग्रहण जैसे कुछ मसले राज्य सरकारों के साथ हैं, जिनके कारण लेवल क्रॉसिंग के काम की रफ्तार में बाधक हैं.

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “बीजी सेक्शन स्थित सभी लेवल क्रॉसिंग की जगह जब तक कम ऊंचाई के पारपथ, रोड ओवरब्रिज व अंडरब्रिज का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वहां आदमी तैनात करने का फैसला लिया गया है.” हालांकि पहले 2020 तक सभी मानवरहित लेवल क्रॉसिंग को समाप्त करने का लक्ष्य था, मगर रेलमंत्री पीयूष गोयल ने अब उससे पहले 2019-20 में ही यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है.

अधिकारी ने कहा, “कर्मचारियों की कमी के कारण रेलवे इस कार्य से जुड़े सेवानिवृत्त कर्मियों को मानवरहित क्रॉसिंग पर तैनात करेंगी.” रेलवे ने इस कार्य को जल्द करने के लिए एक अलग समिति का गठन किया है, जिसमें कार्यकारी निदेशक स्तर के अधिकारी हैं.