नई दिल्ली: सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल, आईटीबीपी और एसएसबी कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु जल्द ही मौजूदा 57 वर्ष से बढ़कर 60 वर्ष हो सकती है. गृह मंत्रालय ने अगले हफ्ते सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के प्रमुखों की बैठक बुलाई है, जिसमें उनकी सेवानिवृत्ति के संदर्भ में मौजूदा विसंगतियों को दूर किया जाएगा. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सुरक्षा स्थापना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय सभी महानिदेशकों का नजरिया जानेगा और उम्मीद है कि इन बलों के कर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष कर दी जाएगी. जैसा कि गृह मंत्रालय के तहत आने वाले दो अन्य बलों सीआईएसएफ और असम राइफल्स में है. इससे सेवानिवृत्ति की आयु को लेकर मौजूदा विसंगतियां दूर हो जाएंगी.

गृह मंत्रालय ने इन बलों के महानिदेशकों को इस संदर्भ में एक निर्देश भेजा है. यह निर्देश दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद आया है, जिसमें उसने मौजूदा नीति को भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक करार दिया था और कहा था कि इससे वर्दीधारी बलों में दो वर्ग बनते हैं. सीएपीएफ की तैनाती देश में विभिन्न तरह की सुरक्षा भूमिकाओं में की जाती है, जिनमें सीमाओं की सुरक्षा से लेकर नक्सल विरोधी अभियान और जम्मू कश्मीर ने आतंकवाद से मुकाबला करना शामिल है.

यह बैठक 27 फरवरी को बुलाई गई है और इसकी अध्यक्षता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव करेंगे. मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक इन चार बड़े बलों के प्रमुखों से कहा गया है कि वे पहले अदालत का आदेश देख लें और 25 फरवरी तक इस पर अपनी टिप्पणी मंत्रालय को भेजें. दिल्ली हाईकोर्ट ने 31 जनवरी को आदेश जारी किया और सरकार (गृह मंत्रालय) को अपने निर्देश लागू करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया.