नई दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी एवं कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों और अफवाह फैलाए जाने पर चिंता जताई और कहा कि जो लोग इंटरनेट प्लेटफार्म का गलत इस्तेमाल करते हैं, वह निजता की दलील नहीं दे सकते. मंत्री ने कहा कि उन्होंने पिछले एक साल से अपना रुख बनाए रखा है कि व्हाट्सएप पर संदेशों की शुरुआत का पता चलना चाहिए, ताकि फर्जी समाचार और अफवाहों को बढ़ावा देकर समाज में अशांति फैलाने वाले लोगों को पकड़ने में मदद मिले.

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प्रसाद ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) द्वारा आयोजित एक साइबर सुरक्षा सम्मेलन में कहा, “क्या किसी आतंकवादी को निजता का अधिकार है? क्या कोई व्यक्ति जो तबाही को बढ़ावा देता है, उसके पास निजता का अधिकार है? ये ऐसे प्रश्न हैं, जिनसे हम निपट रहे हैं. विडंबना यह है कि जो आतंकवाद को फैलाने, कट्टरपंथ को बढ़ावा देने, तबाही को भड़काने के लिए इस खूबसूरत मंच का गलत इस्तेमाल करते हैं, वह निजता की दलील देते हैं.” उच्चतम न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि एक आतंकवादी गोपनीयता की दलील नहीं दे सकता.

इसके अलावा प्रसाद ने बताया कि सरकार ने 5G ट्रायल के लिए कुछ कंपनियों को अनुमति दी है. इसके अलावा सरकार तकनीक को भी देख रही है. उन्होंने कहा कि 2014 में हमारे पास केवल 2 मोबाइल विनिर्माण कंपनियां थीं, लेकिन अब हमारे पास 268 मोबाइल विनिर्माण कंपनियां हैं. इनमें में से कुछ दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां भी हैं.