चेन्नई: श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण यान के साथ भारत के हर मौसम के रडार इमेजिंग पृथ्वी निगरानी उपग्रह आरआईसैट-2बी के प्रक्षेपण की 25 घंटे की उलटी गिनती मंगलवार को शुरू हुई. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यह जानकारी दी. इसरो प्रमुख के शिवन ने मिशन को बहुत- बहुत महत्वपूर्ण बताया, लेकिन खुलकर जानकारी नहीं दी. Also Read - ISRO Launches PSLV-C51: इसरो ने एक बार फिर रचा इतिहास, अंतरिक्ष में 19 सेटैलाइट को लेकर रवाना हुआ PSLV-C51, देखें VIDEO

इसरो ने कहा कि पीएसएलवी-सी46 के अपने 48वें मिशन पर बुधवार को सुबह साढ़े पांच बजे यहां से 130 किलोमीटर से अधिक दूर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किए जाने का कार्यक्रम है. Also Read - ISRO's PSLV-C50 Mission: श्रीहरिकोटा से ISRO ने लॉन्च किया 42वां कम्युनिकेशन सैटलाइट CMS-01

इस उपग्रह का भार 615 किलोग्राम है और इसे प्रक्षेपण के 15 मिनट बाद पृथ्वी की कक्षा में छोड़ा जाएगा. यह उपग्रह खुफिया निगरानी, कृषि, वन और आपदा प्रबंधन सहयोग जैसे क्षेत्रों में मदद करेगा. इसरो प्रमुख के शिवन ने मिशन को ”बहुत बहुत महत्वपूर्ण” बताया, लेकिन खुलकर जानकारी नहीं दी. Also Read - पीएसएलवी-सी49 की सफल उड़ान, देश के रडार इमेजिंग और नौ अन्य विदेशी उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में प्रक्षेपित किया

प्रक्षेपण से पहले तिरूपति के प्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए शिवन ने कहा कि आरआईसैट-2बी के बाद, इसरो चंद्रयान-2 पर लगेगा, जिसका नौ से 16 जुलाई के बीच प्रक्षेपण का कार्यक्रम है.

शिवन ने कहा, हर कोई उस मिशन पर बहुत उत्सुकता से नजर बनाए हुए है और इसरो छह सितंबर तक चंद्रयान-2 के रोवर को (चंद्रमा की सतह पर) उतारने को लेकर आशान्वित है.