नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के अवंतीपुर इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में सेना ने आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर रियाज नायकू को मार गिराया. इससे पहले हिज्बुल के कमांडर बुरहान वानी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था. इसकी मौत के बाद ही रियाज ने बुरहान वानी को हिज्बुल मुजाहिद्दीन की कमान दी गई थी. सुरक्षाबलों को रियाज को काफी लंबे वक्त से तलाश थी. इस पूरे मुठभेड़ में सेना के अधिकारी समेत कुल 8 जवानों शहीद हो गए. हालांकि सुरक्षाबलों ने रियाज को पहले भी कई बार घेरा लेकिन हर बार वो सुरक्षाबलों से बच निकला. लेकिन इस बार जब वह अपने गांव अपनी मां से मिलने आया तो सुरक्षाबलों ने उसे घेर लिया. इस दौरान मुठभेड़ में भारतीय सेना के सुरक्षाबलों और जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकी रियाज को मार गिराया. Also Read - आतंकी संगठन हिजबुल प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन पर इस्लामाबाद में हमला, चल रहा इलाज

बता दें कि आतंकी रियाज नायकू कश्मीर के बेगपोरा इलाके का रहने वाला है. वह अपने गांव अपने परिवार व अपनी मां का हाल चाल जानने गांव आया था. इस बात की भनक सुरक्षाबलों को लग गई है. आनन-फानन में सुरक्षाबलों ने पूरे गांव को घेर लिया. इस दौरान रियाज के साथ 2 अन्य आतंकी भी थे. सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच लंबे चले मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दोनों अन्य आतंकियों को मारा. इसके बाद बाद जिस घर में रियाज व अन्य आतंकी छिपे हुए थे सुरक्षाबलों ने पूरे घर को ही उड़ा दिया. इसके बाद इस बात की पुष्टि हुई कि रियाज नायकू की मौत हो गई है. Also Read - हिजबुल मुजाहिदीन के इस आतंकी की थी पुलवामा में मिली विस्‍फोटक से भरी कार

बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर के ही रहने वाले बुरहान वानी के हाथ में हिजबुल मुजाहिद्दीन की कमान थी. इसे साल 2016 में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था. इसके बाद कश्मीर घाटी में काफी तनाव देखने को मिला था. आतंकी रियाज नायकू की मौत के बाद भी ऐसी घटनाएं व तनाव का माहौल न बने इस कारण सुरक्षा लिहाज से वायस कॉलिंग व इंटरनेट की सुविधा को बंद कर दिया गया है.

इस बारे में आईजी विजय कुमार ने बताया कि आतंकी रियाज नायकू के खिलाफ सर्च अभियान बीते कल से ही चलाया जा रहा था. इसके अन्य सहयोगी आतंकियों को भी मार गिराया गया है. नायकू लोगों को आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए भड़काता था. सोशल मीडिया पर इसकी कई तरह की भड़काऊ वीडियो व पोस्ट भी शेयर किए जाते रहे हैं, हालांकि अब जब रियाज की मौत हो गई है तो आशंका जताई जा रही है कि घाटी में आंतकवादी गतिविधियों में कुछ कमी आएगी.