RJD में आया सियासी भूचाल! बागियों पर गिरी लालू-तेजस्वी की गाज, 10 नेताओं को पार्टी से किया आउट

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने बागियों पर कार्रवाई की. पार्टी से 10 नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. इसे पहले 27 नेताओं की सूची जारी की गई थी.

Published date india.com Updated: October 29, 2025 11:45 PM IST
RJD में आया सियासी भूचाल! बागियों पर गिरी लालू-तेजस्वी की गाज, 10 नेताओं को पार्टी से किया आउट

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों में हलचल बढ़ रही है. अब लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने पार्टी के बागी नेताओं पर बड़ी कार्रवाई की है. आरजेडी ने उन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जिन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था.

10 नेताओं को दिखाया पार्टी से बाहर का रास्ता

आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बुधवार को 10 नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया. इनमें डेहरी के विधायक फतेह बहादुर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश कुमार, बिहारशरीफ के मो. नौसादुल नवी उर्फ पप्पू खां, कांटी के पूर्व विधायक मो. गुलाम जिलानी वारसी, और गोपालगंज के पूर्व विधायक मो. रियाजुल हक राजू का नाम शामिल है. इसके अलावा पूर्णिया के अमोद कुमार मंडल, सिंहेश्वर के वीरेंद्र कुमार शर्मा, मधेपुरा के प्रणव प्रकाश, भोजपुर की जिला परिषद सदस्य जिप्सा आनंद और भोजपुर के राजीव रंजन उर्फ पिंकू को भी निष्कासित किया गया है.

दो दिन पहले भी 27 नेताओं को निकाला

यह पहली बार नहीं है, जब आरजेडी ने बागियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया हो. दो दिन पहले भी पार्टी ने अनुशासनहीनता दिखाने वाले 27 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था. इनमें दो मौजूदा विधायक छोटे लाल यादव (परसा) और मोहम्मद कामरान (गोविंदपुर) शामिल थे. साथ ही पूर्व विधायक अनिल सहनी, सरोज यादव, अनिल यादव, और राम प्रकाश महतो का नाम भी इस सूची में था. इसके अलावा पूर्व एमएलसी गणेश भारती और निर्दलीय उम्मीदवार रितु जायसवाल को भी पार्टी से बाहर किया गया था.

चुनाव से पहले अनुशासन पर जोर

राजद के इस कदम से साफ हो गया है कि तेजस्वी यादव इस बार चुनाव में पार्टी की एकजुटता बनाए रखने के लिए पूरी तरह सख्त हैं. पार्टी का मानना है कि जो भी कार्यकर्ता या नेता पार्टी की लाइन से हटकर काम करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी. इस कार्रवाई से पार्टी ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठन में अनुशासन सबसे ऊपर है, चाहे नेता कितना भी बड़ा क्यों न हो.

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