नई दिल्ली: मोटरयान दुर्घटना दावा प्राधिकरण ने 27 वर्षीय एक युवक के परिवार को 65 लाख रूपए का मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है जिसकी 2013 में यमुना एक्सप्रेस पर एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी. प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी एस एस मल्होत्रा ने चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. को उत्तरी दिल्ली के निवासी राजकुमार के परिवार को 65.22 लाख रूपए का भुगतान करने का निर्देश दिया. चोलामंडल कंपनी उस वाहन की बीमा कंपनी थी. प्राधिकरण ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण दुर्घटना हुई और प्रतिवादी यह साबित करने में नाकाम रहे हैं कि पीड़ित की ओर से कोई लापरवाही हुई.

मुआवजा तय करते हुए प्राधिकरण ने इस तथ्य पर गौर किया कि कुमार एक निजी कंपनी में काम कर रहा था और उसका वेतन 21 हजार रूपए मासिक था. प्राधिकरण ने इस बात पर भी गौर किया कि कुमार के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और एक साल का एक बच्चा है.

कुमार के पिता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि हादसा अगस्त 2013 में हुआ जब उनका बेटा यमुना एक्सप्रेस-वे पर बाइक से दिल्ली से जेवर जा रहा था. एफआईआर के मुताबिक जब कुमार गौतम बुद्ध नगर पहुंचे पीछे से आ रहे एक ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी. ट्रक के ड्राइवर ने आरोप लगाया था कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है. उन्होंने कुमार पर ही गलत तरीके से गाड़ी चलाने का आरोप लगाया था. ट्रिब्यून ने पाया कि ट्रक ड्राइवर ने जो आरोप लगाए थे उसके संबंध में कोई सबूत पेश नहीं कर पाया.