नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा शुक्रवार को धनशोधन (Money laundering) मामले में पांचवीं बार प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुए. उनसे सात घंटे तक पूछताछ की गई. यह मामला विदेश में 19 लाख पाउंड की अघोषित संपत्ति के स्वामित्व से जुड़ा है. रॉबर्ट वाड्रा मध्य दिल्ली में ईडी के जामनगर कार्यालय पर सुबह 10.30 बजे पहुंचे और शाम 7.20 बजे वहां से निकले. उन्हें बीच में एक घंटे के लिए लंच के लिए बाहर जाने की अनुमति दी गई. इससे पहले सुबह सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईडी कार्यालय के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा से अब तक 34 घंटों से ज्यादा समय तक पूछताछ की गई है. इससे पहले उनसे छह, सात, नौ व 20 फरवरी को पूछताछ हुई थी. अदालत ने दो फरवरी को उन्हें 16 फरवरी तक के लिए अंतरिम जमानत दी थी और उन्हें छह फरवरी को जांच में शामिल होने को कहा था. इसके बाद 16 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा की अंतरिम जमानत को दो मार्च तक के लिए बढ़ा दिया.

ईडी ने उनके कर्मचारी मनोज अरोड़ा के खिलाफ भी धनशोधन का मामला दर्ज किया है. वित्तीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि अरोड़ा को रॉबर्ट वाड्रा की विदेशी अघोषित संपत्तियों की जानकारी है और धन की व्यवस्था में वह सहयोगी थे. ईडी ने 12 और 13 फरवरी को, रॉबर्ट वाड्रा से बीकानेर में एक भूमि सौदे के मामले में जयपुर में पूछताछ की थी. एजेंसी ने 15 फरवरी को दिल्ली के सुखदेव विहार में 4.43 करोड़ रुपये का मकान जब्त किया. यह संपत्ति रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्रा. लि. की थी.