नई दिल्‍ली: मंगलवार शाम को नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला. ट्रेन की जनरल बोगी से आरपीएफ के जवान यात्रियों को ऐसे खींचकर बाहर निकाल रहे थे, मानो सामान की बोरियां निकाल रहे हों. दूसरी तरफ रेलवे के कर्मचारी बार-बार बोगियों का वेट प्रेशर चेक कर रहे थे. रेलवे स्‍टाफ का इशारा मिलता तो आरपीएफ के जवान फिर यात्रियों को बाहर निकालने लगते. यह नजारा करीब पौने दो घंटे चला तब जाकर ट्रेन अपने गंतव्‍य पटना के लिए चली.

मामला कुछ ऐसा है कि बिहार जाने वाली अधिकतर ट्रेनें फिलहाल देर से चल रही हैं. गर्मी की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं जबकि शादियों का सीजन शुरू हो चुका है. इसलिए बिहार जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ भी ज्‍यादा है. मंगलवार शाम नई दिल्‍ली से पटना की ओर जाने वाली संपूर्ण क्रांति एक्‍सप्रेस जैसे ही प्‍लेटफॉर्म पर आकर लगी, यात्रियों का हुजूम ट्रेन में सवार हो गया. ट्रेन के रवाना होने से पहले जब रेलवे कर्मचारियों ने रूटीन जांच के तहत ट्रेन का वेट प्रेशर जांचा तो यह बहुत ज्‍यादा था. यात्रियों के भार से बोगी की स्प्रिंग पूरी तरह दब चुकी थी. वेट प्रेशर इतना ज्‍यादा था कि रेल अधिकारियों ने ट्रेन को रवाना करने से इंकार कर दिया.

फिर शुरू हुआ बाहर निकालने का काम
वेट प्रेशर बढ़ने के बाद रेलवे ने पहले पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्‍टम के जरिए यात्रियों से ट्रेन खाली करने की अपील की, लेकिन इसका खास असर नहीं पड़ा. रेलवे कर्मचारियों की समझाइश का भी यात्रियों पर कोई असर नहीं पड़ा. कोई उपाय नहीं देख आरपीएफ के जवानों को बुलाया गया. उन्‍होंने करीब पौने दो घंटे में 100 से 115 यात्रियों को ट्रेन से बाहर निकाला. लगातार वेट प्रेशर जांच रहे रेलवे कर्मचारियों के इशारे के बाद आरपीएफ ने यात्रियों को बाहर निकालना बंद किया.

ट्रेन को रवाना करना हो सकता था खतरनाक
रेलवे के मुख्‍य जनसंपर्क अधिकारी नितिन चौधरी ने बताया कि अत्‍यधिक वेट प्रेशर के साथ ट्रेन को आगे भेजना सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से समझौता होता. इसीलिए अतिरिक्‍त यात्रियों को ट्रेन से बाहर निकालने का फैसला लेना पड़ा. बता दें कि मंगलवार को यह ट्रेन करीब एक घंटे 50 मिनट की देरी से रवाना हुई. संपूर्ण क्रांति एक्‍सप्रेस (12394) नियमित रूप से शाम 5 बजकर 25 बजे नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन से रवाना होती है.