नई दिल्ली:  रेलवे ने उन महिला उम्मीदवारों के लिए ग्रुप डी मेंं नौकरी की योग्यताओंं में बदलाव किए हैं, जिनके पति रेलवे में काम करते थे और रेलवे मेंं काम करते हुए ही उनकी मौत हो गई है या किसी बीमारी के कारण समय से पहले ही उन्हें रिटायरमेंट लेना पड़ा. वर्तमान नियमों के अनुसार लेवल-1 ग्रुप डी जॉब्स के लिए अप्लाई करने वाले इस तरह के उम्मीदवारों का 10वीं पास होना अनिवार्य है.

लेकिन हाल के दिनों में जोनल रेलवे में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें ज्यादातर महिला उम्मीदवार के पास न्यूनतम योग्यता का अभाव था. ऐसे में बोर्ड ने नियमों में बदलाव करते हुए कर्मचारी की पत्नी या विधवा उम्मीदवारों के लिए लेवल-1 जॉब की न्यूनतम योग्यताओं  के दायरे को हटा दिया है.

इस मसले पर लंबे समय तक विचार करने के बाद बोर्ड ने न्यूनतम एजुकेशन क्वालिफिकेशन के नियम को वापस ले लिया है.

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि यह मसला लंबे समय से विचाराधीन था. अब रेलवे बोर्ड ने इस पर फैसला कर लिया है. इन महिला उम्मीदवारों को लेवल-1 में नौकरी के लिए न्यूनतम योग्यता की शर्तों को पूरा करने की अनिवार्यता नहीं होगी.

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हालांकि बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि बोर्ड इस बात की जांच जरूर करेगा कि इन पदों पर न्यूनतम योग्यता के बगैैैर भी उम्मीदवार ट्रेनिंग की मदद से ठीक से काम कर पा रहे हैं.

बता दें कि कॉम्पंसेशन आधार पर नौकरियां उन कर्मचारियों की पत्नियों या विधवाओं को दी जाती हैं, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती हैं या चिकित्सकीय रूप से अनुपयुक्त होने के कारण  सेवानिवृत्त हो गए हैं.