नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस लॉकडॉउन के देश में बने हालात के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक राहत पैकेज की दूसरी किस्त की गुरुवार को घोषणा की. केंद्रीय वित्‍तमंत्री ने इकॉनॉमिक पैकेज की दूसरी किस्‍त में छोटे किसानों, प्रवासी मजदूरों, फेरी वालों, निम्न मध्यम आय वर्ग के लिए राहत उपाय किए गए. यहां किसानों के लिए वित्त मंत्री की घोषणाओं की मुख्य बातें कुछ ऐसी हैं… Also Read - विश्‍व में सबसे ज्‍यादा coronavirus प्रभावित देशों की सूची में भारत 7वें स्‍थान पर

– केंद्र सरकार 2 लाख करोड़ रुपए किफायती ब्‍याज दर पर 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कॉर्ड्स के जरिए देगी
– किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ रुए रियायती दर पर लोन
– पीएम-किसान लाभार्थियों को रियायती ऋण प्रदान करने के लिए विशेष अभियान
– करोड़ छोटे किसान पहले ही कम ब्याज दर पर चार लाख करोड़ रुपए का कर्ज ले चुके हैं
– 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्डधारकों को 25,000 करोड़ रुपए के कर्ज मंजूर किए गए
– मार्च और अप्रैल 2020 में 63 लाख लोगों के लिए 86,000 करोड़ रुपए के लोन मंजूर किए गए
– नाबार्ड ने अकेले मार्च में 29,500 करोड़ रुपए का पुनर्वितण जारी किया है

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, नाबार्ड के माध्यम से 30,000 करोड़ रुपए अतिरिक्त आपातकालीन कार्यशील पूंजीगत निधि; 3 करोड़ किसानों को लाभ म‍िलेगा.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज की घोषणाओं से हमारे किसानों और प्रवासी श्रमिकों को विशेष रूप से लाभ होगा. घोषणाओं में प्रगतिशील उपायों की एक श्रृंखला शामिल है और खाद्य सुरक्षा, किसानों के साथ-साथ सड़क विक्रेताओं को भी बढ़ावा मिलेगा.