नई दिल्‍ली: 630 करोड़ रुपए के घोटाले में फरार त्र‍िपुरा का CPI(M) एमलए व पूर्व PWD मंत्री बादल चौधरी को आखिर पुलिस ने सोमवार की रात तलाश ही लिया. एक हफ्ते तक फरार रहने के बाद पूर्व मंत्री जब एक अस्‍पताल में भर्ती होने के लिए आया, तब पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता खोज लिया है. बता दें कि इस पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी नहीं होने के चलते एक एसपी समेत 9 पुलिसकर्मी सस्‍पेंड किए जा चुके हैं. वहीं, त्रिपुरा सरकार ने तत्काल प्रभाव से दक्षिणी रेंज के उप महानिरीक्षक अरिंदम नाथ का तबादला पुलिस मुख्यालय में कर दिया था.

पूर्व मंत्री चौधरी अभी अगरतला के एक प्राइवेट अस्‍पताल में भर्ती हैं. विधायक की पार्टी CPI(M) के नेताओं ने पूर्व मंत्री से फिलहाल अभी तक दूरी बनाए रखी है और कोई बयान नहीं दिया और न ही कोई मिलने पहुंचा है. फिलहाल 600 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री का इलाज कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच चल रहा है.

DSP समेत 9 पुलिस अफसर सस्‍पेंड
त्रिपुरा सरकार ने पश्चिमी त्रिपुरा जिले के पुलिस अधीक्षक को निलंबित करने के दो दिन बाद 18 अक्‍टूबर को पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. सरकार ने बनुज विप्लव दास (उपाधीक्षक, पुलिस मुख्यालय) और उपाधीक्षक (जिला खुफिया ब्यूरो), देवप्रसाद राय (पश्चिमी अगरतला थाना प्रभारी), उप निरीक्षक प्रदीप आचार्य, राज्य के पूर्व मंत्री बादल चौधरी के दो व्यक्तिगत अंगरक्षक और तीन कांस्टेबल को शुक्रवार को निलंबित कर दिया.

कोर्ट ने बेल की अग्रिम याचिका खारिज की थी
चौधरी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य हैं और 15 अक्‍टूबर को स्थानीय अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद फरार थे.

मंत्री रहते हुए 630 करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप 
चौधरी पर वाममोर्चे की सरकार में लोक कल्याण विभाग मंत्री रहते हुए 630 करोड़ रुपए के घोटाले में शामिल रहने का आरोप है. 19 अक्‍टूबर को चौधरी के वकील अरिंदम भट्टाचार्य ने कहा कि उन्होंने त्रिपुरा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है

डीजीपी ने सस्‍पेंसन का कारण बताने से इनकार किया था
पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार शुक्ला ने आठ पुलिस अधिकारियों के निलंबन का कारण बताने से इनकार कर दिया है. उन्होंने बीते शनिवार को कहा, “यह सरकार का आतंरिक मामला है और मैं इस पर टिप्पणी नहीं करुंगा. बता दें पश्चिमी त्रिपुरा पुलिस अधीक्षक अजीत प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया था और बादल चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच कर रहे ‘न्यू कैपिटल काम्प्लेक्स’ के सब डिविजनल पुलिस अधिकारी राजू रियांग का गुरुवार को तबादला कर दिया गया.

डीआईजी का भी कर दिया गया था तबादला
त्रिपुरा सरकार ने तत्काल प्रभाव से दक्षिणी रेंज के उप महानिरीक्षक अरिंदम नाथ का तबादला पुलिस मुख्यालय में कर दिया था. इसके बाद 17 अक्‍टूबर को पुलिस अधिकारियों के एक दल ने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब से मुलाकात की और सिंह के निलंबन और नाथ के तबादले को रद्द करने की मांग रखी थी.