नई दिल्ली: आरएसएस ने मांग की कि जम्‍मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में 44 सीआरपीएफ कर्मियों के शहीद होने की घटना के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए. गठन ने कहा कि इस घटना से आतंकवादियों की हताशा का पता चलता है, क्योंकि सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर कार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने गुरुवार को हमले की कड़ी भर्त्सना की. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में आरएसएस सरकार और सुरक्षा बलों के साथ खड़ा हुआ है. उन्होंने ट्वीट कर इस घटना में शहीद हुए सीआरपीएफ कर्मियों के प्रति शोक व्यक्त किया और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

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जोशी ने कहा, ”यह हमला हताशा और निराशा का स्पष्ट संकेत है, क्योंकि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. सरकार को दोषियों के खिलाफ यथाशीघ्र कठोर कार्रवाई करनी चाहिए.”

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विश्व हिन्दू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेन्द्र जैन ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. जम्मू कश्मीर में पिछले तीन दशकों में हुए भीषण आतंकवादी हमलों में से एक हमले में जैश ए मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटों से भरे अपने वाहन को सीआरपीएफ कर्मियों को ले जा रही बस से टकरा दिया. इसमे 44 सीआरपीएफ कर्मी शहीद हो गए, जबकि कई अन्य बुरी तरह से घायल हो गए.

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