नई दिल्ली. संसद के शीतकालीन सत्र से कुछ दिन पहले विश्व हिंदू परिषद की रैली में रविवार को हजारों लोग अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग के साथ रामलीला मैदान में जुटे. इस रैली को आरएसएस के कार्यकारी प्रमुख सुरेश ‘भैयाजी’ जोशी ने संबोधित करते हुए कहा, हम चाहते हैं, जो भी हो शांति से हो. हमारा किसी के साथ संघर्ष नहीं, राम राज्य में ही शांति आती है. कोर्ट की प्रतिष्ठा बनी रहनी चाहिए. जिस देश में न्यायालय में विश्वास घटता है, उसका उत्थान होना असंभव है.देश पर हमला करने वालों के निशान मिटने चाहिए.

उन्होंने आगे कहा, राम का मंदिर भविष्य में रामराज्य का आधार बनेगा. लोग भक्त मंदिर में भगवान के दर्शन करना चाहते हैं. साल 1992 में ढांचा गिरा, लेकिन मंदिर नहीं बना. लेकिन अभी संविधान का रास्ता बाकी है. हमारी न्यायालय से भी यही अपेक्षा है कि वह जन्मभूमि का सम्मान करेगा. सत्ता में बैठे लोगों का भी यही संकल्प है कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा. अब संकल्प पूरा करने का वक्त आ गया है. लोकतंत्र में संसद की भी जिम्मेदारी है.

यातायात में बदलाव
यातायात पुलिस ने रैली को देखते हुए मार्ग परिवर्तन का परामर्श जारी किया है. परामर्श में कहा गया है कि रंजीत सिंह फ्लाईओवर (गुरु नानक चौक से बाराखम्बा रोड), जेएलएन मार्ग (राजघाट से दिल्ली गेट) और वीआईपी गेट चमन लाल मार्ग पर गाड़ियों के आवागमन की अनुमति नहीं है. रामलीला मैदान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और ऊंची जगहों पर स्नाइपर तैनात किए गए हैं. इस रैली को सफल बनाने के लिए विहिप ने लोगों के घर-घर जाकर प्रचार अभियान चलाया.

मंगलवार से शुरू हो रहा है सत्र
विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, राम मंदिर के निर्माण के लिए जो लोग विधेयक लाने के पक्ष में नहीं हैं, यह रैली उन लोगों का हृदय परिवर्तन करेगी. संगठन ने मंदिर निर्माण के अपने पूर्व चरण के दौर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राज्य के राज्यपालों से मुलाकात की थी. आने वाले चरण में वे मंदिरों और मठों में धार्मिक अनुष्ठान और प्रार्थना करेंगे. यह अभियान प्रयाग में साधु-संतों की ‘ धर्म संसद’ के साथ संपन्न होगा। अंतिम ‘धर्म संसद’ 31 जनवरी और एक फरवरी को आयोजित होगी. संसद का शीतकालीन सत्र मंगलवार से शुरू हो रहा है.