नई दिल्ली: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को पालघर हिंसा पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा की साधुओं को पीट-पीट कर मार डाला गया. भय और क्रोध पर काबू रखें. साधुओं ने किसी का अहित नही किया था. इसके अलावा उन्होंने तबलीगी जमात पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर कोई डर से या क्रोध से कुछ उलटा-सीधा कर देता है तो सारे समूह को उसमें लपेटकर उससे दूरी बनाना ठीक नहीं है. Also Read - CoronaVirus 3rd Wave In India: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा-तीसरी लहर में बच्चे भी होंगे संक्रमित, क्या है आपकी तैयारी

संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि भड़काने वालों की कमी नहीं है और इसका लाभ लेने वाली ताकतें भी हैं. जिस तरह कोरोना का फैलाव अपने देश में हुआ है उसकी एक वजह यह भी है. उन्होंने कहा, “हमको लॉकडाउन का पालन करना होगा. हमे इस संकट से निकलना होगा. हमारे संकट को अवसर बनाना होगा. स्वदेशी को अपनाना पड़ेगा. मोहन भगवत ने स्वावलंबी होने की बात फिर दोहरायी. Also Read - पाकिस्तानी अभिनेता अली जफर ने भारत के लिए मांगी दुआ, बोले- दर्द का सामना कर रहे...

मोहन भागवत ने ऑनलाइन संघ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा- “भारत तेरे टुकड़े होंगे ऐसा कहने वाले ऐसा प्रयास करते हैं, राजनीति भी बीच में आती है. इनसे बचना है. सावधान रहना है. हमारे मन में प्रतिक्रिया वश कोई खुन्नस नहीं होनी चाहिए. भारत के सभी लोग भारत माता के पुत्र हैं हमारे बंधु हैं. अपने अपने समाज के प्रमुखों को अपने लोगों को यह समझाना चाहिए.” Also Read - Full Lockdown In Kerala: केरल में 8 से 16 मई तक फुल लॉकडाउन का ऐलान, सीएम ने कही ये बड़ी बात

उन्होंने कहा, “लॉकडाउन से हवा-पानी ठीक हुआ है. इस पर विचार करना होगा. हमको इस बात पर विचार करना होगा कि हम लॉकडाउन के खत्म होने के बाद फिर से रोजगार का साधन कैसे पैदा कर सकते हैं.” महामारी का खात्मा होने तक हमें राहत कार्य जारी रखना चाहिए, कोविड-19 संकट से प्रभावित सभी लोगों की मदद करनी चाहिए.