सिमडेगा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को यहां कहा कि भारत एक दिन फिर विश्व गुरू बनेगा. यहां पावन रामरेखा धाम में दर्शन पूजन के बाद उन्होंने अपने अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि पहले यूरोप व इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को बदलने के बाद अंग्रेजों की नजर एशिया पर थी लेकिन वह यहां भारत को नहीं बदल पाए. यही भारत की विशेषता है. इससे पूर्व, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को सिमडेगा के पावन रामरेखाधाम में पूजा अर्चना की. Also Read - IND vs AUS 4th Test Live Streaming: जानें कब और कहां देखें भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथे टेस्ट का LIVE टेलीकास्ट और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग

इस अवसर पर उन्होंने धाम परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह में कहा कि वे रामरेखा धाम की महिमा के बारे में पूर्व में भी सुनते रहे हैं लेकिन यहां आने का सौभाग्य उन्हें आज प्राप्त हुआ. उन्होंने धाम विकास समिति एवं हिंदू धर्म रक्षा समिति एवं विहिप के पदाधिकारियों को संबोधित किया. भागवत ने सभी से कहा कि वे नि:स्वार्थ भाव से अपना काम करते रहें. धाम को ध्वजा-पताका से सजाया गया था. गुफा मंदिर के अंदर भी फूलमालाओं से सजावट की गयी थी. Also Read - 83 तेजस बढ़ाएंगे भारत की ताकत, Indian Air Force के इस फाइटर जेट की 12 व‍िशेषताएं जानें यहां

त्रेता युग में वनवास काल के दौरान यहां आए भगवान राम
रामरेखा धाम के महंत उमाकांत जी ने कुछ माह पूर्व रांची में मुलाकात कर सरसंघ चालक मोहन भागवत को रामरेखाधाम में आने का निमंत्रण दिया था. अब रामरेखाधाम को राज्य सरकार ने राज्य स्तर का धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा देते हुए उसके विकास कार्य का जिम्मा लिया है. मान्यता के अनुसार भगवान राम ने त्रेता युग में वनवास काल के दौरान अपनी धर्मपत्नी सीता व भ्राता लक्ष्मण के साथ यहां कुछ दिन व्यतीत किए थे. Also Read - DNA होगा, आत्मनिर्भर भी बनेगी: अब ऐसे बदलेगी पाकिस्तान से आई गीता की जिंदगी, कभी सुषमा स्वराज ने...

धनुष कुंड में स्नान कर करते हैं श्रद्धालु
यहां विशालकाय गुफा में भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता समेत अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित है. यहां प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जो धाम परिसर में बने नैसर्गिक धनुष कुंड में स्नान कर गुफा मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं.