सिमडेगा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को यहां कहा कि भारत एक दिन फिर विश्व गुरू बनेगा. यहां पावन रामरेखा धाम में दर्शन पूजन के बाद उन्होंने अपने अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि पहले यूरोप व इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को बदलने के बाद अंग्रेजों की नजर एशिया पर थी लेकिन वह यहां भारत को नहीं बदल पाए. यही भारत की विशेषता है. इससे पूर्व, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को सिमडेगा के पावन रामरेखाधाम में पूजा अर्चना की.Also Read - भारतीय सेना के लिए LOC पर लगाए जाएंगे All-Weather Container। Watch Video

इस अवसर पर उन्होंने धाम परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह में कहा कि वे रामरेखा धाम की महिमा के बारे में पूर्व में भी सुनते रहे हैं लेकिन यहां आने का सौभाग्य उन्हें आज प्राप्त हुआ. उन्होंने धाम विकास समिति एवं हिंदू धर्म रक्षा समिति एवं विहिप के पदाधिकारियों को संबोधित किया. भागवत ने सभी से कहा कि वे नि:स्वार्थ भाव से अपना काम करते रहें. धाम को ध्वजा-पताका से सजाया गया था. गुफा मंदिर के अंदर भी फूलमालाओं से सजावट की गयी थी. Also Read - भारत ने अपनी 90% वयस्क आबादी का पूर्ण टीकाकरण किया: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया

त्रेता युग में वनवास काल के दौरान यहां आए भगवान राम
रामरेखा धाम के महंत उमाकांत जी ने कुछ माह पूर्व रांची में मुलाकात कर सरसंघ चालक मोहन भागवत को रामरेखाधाम में आने का निमंत्रण दिया था. अब रामरेखाधाम को राज्य सरकार ने राज्य स्तर का धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा देते हुए उसके विकास कार्य का जिम्मा लिया है. मान्यता के अनुसार भगवान राम ने त्रेता युग में वनवास काल के दौरान अपनी धर्मपत्नी सीता व भ्राता लक्ष्मण के साथ यहां कुछ दिन व्यतीत किए थे. Also Read - चेतेश्वर पुजारा ने जड़ा अर्धशतक, तीसरे दिन तक भारत ने हासिल की 257 रन की लीड

धनुष कुंड में स्नान कर करते हैं श्रद्धालु
यहां विशालकाय गुफा में भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता समेत अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित है. यहां प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जो धाम परिसर में बने नैसर्गिक धनुष कुंड में स्नान कर गुफा मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं.