मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की मुस्लिम विंग मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की मुंबई में होने वाली इफ्तार पार्टी पर खतरा मंडराने लगा है. मुंबई के दो एक्टिविस्ट आरएसएस की इफ्तार पार्टी को कैंसल कराने की तैयारी कर रहे हैं. खबर के मुताबिक मुंबई के सह्यादरी गेस्ट हाउस में प्रस्तावित संघ की इफ्तार पार्टी को कैंसल करवाने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि जिस जगह इफ्तार पार्टी करवाई जा रही है वो धार्मिक मामलों के लिए इस्तेमाल में नहीं लाई जा सकती. संघ ने कई मुस्लिम संगठनों को भी इस इफ्तार पार्टी में शामिल होने का न्योता भेजा है.

हाल ही में संघ उस समय भी चर्चा में आया था जब पूर्व राष्ट्रपति ने संघ के तृतीय वर्ष वर्ग में शामिल होने के आमंत्रण को स्वीकार कर लिया था. मुखर्जी के संघ के कार्यक्रम में जाने को लेकर काफी विवाद भी हुआ था. कांग्रेस के नेताओं ने मुखर्जी को इस निर्णय पर फिर से सोचने का सुझाव दिया था वहीं बीजेपी ने मुखर्जी के निर्णय की तारीफ की थी. संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जाने की हामी भरने पर आलोचना का शिकार हो रहे मुखर्जी ने कहा है कि वो अभी इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे और 7 जून को नागपुर में ही इस बारे में बोलेंगे.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मुखर्जी को पत्र लिखकर उनसे संघ के कार्यक्रम में नहीं जाने की अपील की है. रमेश से पहले सीनियर कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिंदबरम ने भी मुखर्जी को सलाह देते हुए कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति ने अब आमंत्रण स्वीकार कर लिया है तो उन्हें जाना चाहिए और आरएसएस को यह बताना चाहिए कि उनकी विचारधारा में क्या गलत है.

पश्चिम बंगाल में काफी समय तक प्रणव मुखर्जी के साथ काम कर चुके कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरएसएस के कार्यक्रम में शिरकत करने के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के फैसले पर हैरानी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि वह इस निर्णय को भगवा संगठन के खिलाफ मुखर्जी की पिछली टिप्पणियों से नहीं जोड़ पा रहे हैं. मुखर्जी को आरएसएस कार्यक्रम में भाग लेने का फैसला वापस लेना चाहिए.