नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) अगलेत हफ्ते तीन दिन का एक लेक्चर सीरीज कराने जा रहा है. इसमें वह 60 देश के लोगों को आमंत्रित कर रहा हैं. खास बात ये है कि इसमें पाकिस्तान का नाम नहीं है. इस सीरीज को संघ प्रमुख मोहन भागवत संबोधित करेंगे. इस दौरान वह श्रोताओं के सवालों का जवाब भी देंगे. Also Read - आरएसएस मुख्यालय में 9 सीनियर स्वयंसेवक कोरोना वायरस के टेस्‍ट में पॉजिटिव निकले

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में आरएसएस सभी राष्ट्रीय पार्टियों के साथ ऐसी क्षेत्रीय पार्टियों को भी आमंत्रित करने जा रही है, जिनकी राज्यों पर पकड़ है और वह लगातार आरएसएस की आलोचना करते रहते हैं. डिप्लोमेटिक मिशन और राजनीतिक पार्टियों के अलावा संघ इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री, मीडिया और दूसरे सेक्टर्स के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने जा रहा है. Also Read - 70वां बर्थ डे: पीएम नरेंद्र मोदी की जिंदगी से जुड़े ये हैं फैक्‍ट्स और अहम घटनाएं

पाकिस्तान नहीं है आमंत्रित
आरएसएस के सदस्य ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, पाकिस्तान को छोड़कर एशिया के लगभग सभी देशों के दूतावासों को निमंत्रण भेजा जाएगा. पाकिस्तान को इसलिए नहीं आमंत्रित किया गया है क्योंकि वह आतंकियों को समर्थन करता है, सीमा पर भारतीय जवानों की हत्या करता है और भारत के साथ उसके तनावपूर्ण रिश्ते हैं. बता दें कि 3 दिन के इस लेक्चर सीरीज की शुरुआत 17 सितंबर से हो रही है. इसमें मोहन भागवत संघ के विचार को रखेंगे. साथ ही मौजूदा समय में राष्ट्रीय हित के परिप्रेक्ष्य में कई समकालीन मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करेंगे. Also Read - ममता सरकार ने हिंदू पुरोहितों के लिए 1000 रु. महीना देने की घोषणा की, RSS ने कहा-हिंदुओं का माखौल

ये है कार्यक्रम
पहले दिन भागवत आरएसएस, इसके संगठन, विचारधारा, विजन, एक्टिविटिज और प्रोग्राम के बारे में बात करेंगे. अगले दिन वह आरक्षण, हिंदुत्व और कम्युनिज्म सहित कई राष्ट्रीय हित के सामयिक मुद्दे पर विचार रखेंगे. बता दें कि यह आरएसएस का पहला प्रोग्राम होगा, जिसमें वह सीधे तौर पर लोगों से बात करके अलग-अलग मुद्दे पर अपनी राय रखेगा.