नई दिल्ली: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के संयुक्त महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष को शनिवार को पदोन्नत कर पार्टी का महासचिव (संगठन) नियुक्त किया. इससे एक दिन पहले रामलाल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में वापस भेज दिया गया था. उन्होंने 13 साल तक इस पद को संभाला था. संतोष की पार्टी के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति ऐसे समय में काफी महत्त्व रखता है, जब पार्टी में सांगठनिक बदलाव होने जा रहे हैं.

आरएसएस के ‘प्रचारक’ संतोष को एक मजबूत विचारक माना जाता है जिन्हें चुनावी राजनीति खासकर कर्नाटक के संबंध में काफी अनुभव है. भाजपा ने एक बयान में कहा कि उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से की जाती है. संतोष कर्नाटक में आठ साल तक पार्टी के महासचिव (संगठन) रहे. बाद में उन्हें 2014 में दक्षिणी राज्यों का प्रभारी राष्ट्रीय पदाधिकारी बनाया गया.

संघ के मजबूत व‍िचारक
आरएसएस के प्रचारक संतोष को एक मजबूत विचारक माना जाता है जिन्हें चुनावी राजनीति, खासकर कर्नाटक के संबंध में काफी अनुभव है. वह 2006 से भाजपा में काम कर रहे हैं. भाजपा ने एक बयान में कहा कि वह अपनी नई जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से संभालेंगे. वह पार्टी की हिंदुत्व विचारधारा को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह के भरोसेमंद
ऐसा माना जाता है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह के भरोसेमंद हैं. उनके विचारों ने दक्षिणी राज्यों, खास कर कर्नाटक से संबंधित पार्टी के फैसलों में अक्सर अहम भूमिका निभाई है. वह मूल रूप से कर्नाटक के ही रहने वाले हैं.

2014 में दक्षिणी राज्यों का प्रभार दिया गया था
भाजपा ने 2014 में संतोष को राष्ट्र स्तरीय पद दिया था. उन्हें संयुक्त महासचिव (संगठन) बना कर रामलाल का एक सहयोगी नियुक्त किया था. उन्हें दक्षिणी राज्यों का प्रभार दिया गया था.

चौंकाने वाले फैसले का मजबूती से बचाव किया था
हालिया लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ एवं दिवंगत नेता अनंत कुमार की पत्नी तेजस्विनी को उनके गढ़ दक्षिण बेंगलुरु से टिकट नहीं देने के चौंकाने वाले फैसले का मजबूती से बचाव किया था. उन्होंने कहा था कि पार्टी डीएनए के आधार पर चुनावी टिकट नहीं दे सकती.

नेताओं के एक धड़े को नाराज कर दिया था
हालांकि, उनके इस कदम ने राज्य के नेताओं के एक धड़े को नाराज कर दिया था, लेकिन भाजपा प्रत्याशी तेजस्वी सूर्या को इस सीट आसान जीत मिली थी.

तेलंगाना और कर्नाटक में प्रदर्शन सुधारा था
लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तेलंगाना और कर्नाटक में अपना प्रदर्शन सुधारा था, लेकिन आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में कुछ खास नहीं कर पाई थी.

शाह पार्टी में अपने पद को छोड़ सकते हैं
भाजपा में संगठनात्मक चुनाव अगले कुछ महीने में होने वाले हैं और ये अटकलें तेज हैं कि शाह पार्टी में अपने पद को छोड़ सकते हैं. ऐसे में संतोष की भूमिका इन बदलावों के बाद संगठन के संचालन में बहुत महत्त्वपूर्ण होने वाली है, जिन्हें विधानसभा चुनावों में पार्टी को पूरी तरह तैयार भी रखना होगा.

रामलाल सह संपर्क प्रमुख नियुक्त 
सूत्रों ने बताया कि रामलाल ने पार्टी प्रमुख अमित शाह को दो बार पत्र लिखकर पार्टी महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी से विमुक्त करने का आग्रह किया था. रामलाल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख नियुक्त किया गया है. वह वर्ष 2009 से पहले इसी पद पर थे.

महासचिव (संगठन) का पद हमेशा संघ के पदाधिकारी को दिया जाता रहा है
संघ के प्रचार प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि यह निर्णय संघ के ‘प्रांत प्रचारक बैठक’ में लिया गया. विजयवाड़ा में चल रही इस बैठक का समापन शनिवार को हुआ था. भाजपा में महासचिव (संगठन) का पद हमेशा संघ के पदाधिकारी को दिया जाता रहा है, ताकि दोनों संगठनों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे. कुमार ने कहा कि यह संघ के पूर्णकालिक पदाधिकारियों के स्थानांतरण की नियमित परिपाटी है.