पणजी: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेता सुरेश ‘भैय्याजी’’ जोशी ने रविवार को कहा कि भाजपा का विरोध करना हिंदुओं का विरोध करने के बराबर नहीं है. जोशी ने यह बात यहां पास स्थित दोना पाउला में ‘‘विश्वगुरु भारत’’ पर भाषण के तहत प्रश्न उत्तर सत्र के दौरान कही. इस सवाल पर कि ‘क्यों हिंदू अपने ही समुदाय के दुश्मन बन रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘‘हमें भाजपा के विरोध को हिंदुओं का विरोध नहीं मानना चाहिए. यह एक राजनीतिक लड़ाई है जो चलती रहेगी. इसे हिंदुओं से नहीं जोड़ना चाहिए.’’

जोशी ने कहा, ‘‘आपका सवाल कहता है कि हिंदू ही हिंदू समुदाय का दुश्मन बन रहे हैं, यानी भाजपा. हिंदू समुदाय का मतलब भाजपा नहीं है.’’ उनकी यह टिप्पणी संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है.

जोशी ने कहा, ‘‘एक हिंदू अपने साथी (हिंदू) के खिलाफ लड़ता है क्योंकि वे धर्म भूल जाते हैं. यहां तक कि छत्रपति शिवाजी महाराज को भी अपने ही परिवार से विरोध का सामना करना पड़ा था. जहां भ्रम और आत्मकेंद्रित व्यवहार होता है, विरोध होता है.’’

भैय्याजी जोशी ने गिरजाघरों पर लोगों की अज्ञानता और गरीबी का फायदा उठाकर ईसाई धर्म में धार्मांतरण कराने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर कोई अपनी इच्छा से ईसाई धर्म अपनाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं लेकिन जबरन धर्मांतरण को आपराधिक कृत्य माना जाना चाहिए.