नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से LIC और IDBI में हिस्सेदारी बेचने के फैसले का RSS से जुड़े भारतीय मजदूर संघ(बीएमएस) ने विरोध किया है. संगठन ने जीवन बीमा निगम और बैंक में विनिवेश के उठाए गए कदम को घातक बताया है. भारतीय मजदूर संघ ने शनिवार को आए बजट के बाद देर शाम जारी बयान में सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की है. Also Read - PM Modi ने COVID-19 में मजूदरों की मदद की बजाय उनसे घंटी बजाने को कहा- दार्जलिंग प्रचार में बोले Rahul Gandhi

संघ ने कहा है कि राष्ट्र की सम्पत्तियों को बेचकर पैसे जुटाने का तरीका खराब अर्थशास्त्र का उदाहरण है. संघ से जुड़े इस संगठन ने सरकार के आर्थिक सलाहकारों और नौकरशाहों पर निशाना साधते हुए उनके ज्ञान और विजन में कमी बताई है. भारतीय मजदूर संघ ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा है कि बेहतर हो कि सरकार बगैर राष्ट्र की संपत्तियों को बेचे राजस्व जुटाने का कोई मॉडल बनाए. Also Read - लालू यादव ने ट्वीट कर नीतीश कुमार पर बोला हमला, कहा-नीताश संघ की गोद में खेलने वाले प्यादे और छोटे रिचार्ज

भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम देश के मध्यम वर्ग की बचत को सुरक्षित रखने वाला उपक्रम है, जबकि IDBI ऐसा बैंक है जो छोटे उद्योगों को वित्तपोषित करता है. ऐसे में दोनों उपक्रमों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा. राजस्थान के जोधपुर में चल रहे संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव भी पास किया गया. अध्यक्षता संघ अध्यक्ष साजी नारायण ने की. Also Read - राहुल गांधी ने बिहार विधानसभा में हुए हंगामे पर किया ट्वीट, सीएम नीतीश कुमार पूरी तरह RSS मय हो चुके हैं