भुवनेश्वर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवादी विचारधारा वाले लोगों की हत्या होने का आरोप लगाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक परिवार के तीन लोगों की हत्या कांड पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में संघ के सह सर कार्यवाह मनमोहन वैद्य ने यह बात कही. संघ के अनुसार मृतक शिक्षक बंधुप्रकाश पाल संघ समर्थक थे लेकिन मृतक के घरवालों ने किसी भी तरह के राजनीतिक संबंध से इनकार किया है. वैद्य बुधवार को यहां तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे जिसका उद्घाटन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किया.

पहली बार ओडिशा में आयोजित इस बैठक में देश भर से 350 संघ के प्रमुख पदाधिकारी भाग ले रहे हैं. इसमें संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी भी शामिल हैं. वैद्य ने बताया कि बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, संघ के विस्तार और विकास के लिए योजनाओं पर चर्चा की जाएगी. यह मार्च में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की समीक्षा बैठक है.

मुर्शिदाबाद के 35 वर्षीय पाल, उनकी गर्भवती पत्नी ब्यूटी और 8 साल के बेटे आंगन की हत्या ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव उत्पन्न कर दिया है. पुलिस ने मामले को सुलझाने का दावा करते हुए पेशे से राजमिस्त्री उत्पल बेहरा को गिरफ्तार किया है.

अयोध्या मुद्दे पर बोलते हुए वैद्य ने कहा कि राम मंदिर एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश की आस्था और विश्वास का विषय है. अनुच्छेद 370 के निरस्त होने पर उन्होंने कहा, यह एक अस्थायी प्रावधान था और राष्ट्रीय सहमति से केंद्र सरकार ने इसे खत्म करने का फैसला किया.

वैद्य ने कहा कि संघ की शाखाएं जातिगत भेदभाव खत्म कर लोगों में सद्भाव बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विकास पर वैद्य ने कहा कि वर्तमान में 57,411 दैनिक शाखाएं और 18,923 साप्ताहिक शाखाएं आयोजित की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि 2010 से 2014 के बीच लगभग 6,000 नई शाखाएं बनी हैं. 2018 की तुलना में इस साल 1,500 शाखाएं बढ़ी हैं.

(इनपुट-भाषा)