नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने मंगलवार को कहा कि लोगों को उम्मीद है कि मोदी सरकार राम मंदिर का निर्माण कराने के वादे को अपने कार्यकाल में पूरा करेगी क्योंकि भाजपा इसके लिए हर संभव कोशिश करने का वादा कर 2014 में सत्ता में आई थी. संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की यह प्रतिक्रिया राम मंदिर पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद आई है. दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने पर ही राम मंदिर निर्माण के सिलसिले में सरकार कोई कदम उठाएगी.Also Read - Pariksha Pe Charcha 2022: परीक्षा पे चर्चा के लिये रजिस्‍ट्रेशन की आज आखिरी तारीख, जल्‍दी करें

उल्लेखनीय है कि राम मंदिर मामले पर उच्चतम न्यायालय में चार जनवरी को सुनवाई होने का कार्यक्रम है. वहीं, आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों सहित हिंदुत्व संगठनों तथा भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना राम मंदिर के शीघ्र निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की हिमायत कर रही है. आरएसएस ने ट्वीट कर कहा, मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 2014 के चुनाव घोषणापत्र में राम मंदिर निर्माण के लिए संविधान के दायरे में हर संभव कोशिश करने का वादा किया था. भारत के लोगों ने भाजपा के वादों पर भरोसा करते हुए उसे बहुमत दिया था. Also Read - गणतंत्र दिवस Special-गाडिय़ों की झाँकी-Watch Video

भारत के लोगों को उम्मीद
संघ ने कहा कि भारत के लोगों को उम्मीद है कि सरकार अपने कार्यकाल में इस वादे को पूरा करेगी. उल्लेखनीय है कि भाजपा नीत राजग सरकार का कार्यकाल इस साल मई में समाप्त हो रहा है. Also Read - PM Narendra Modi ने क्रिस गेल-जोंटी रोड्स को भेजा खास संदेश, दी गणतंत्र दिवस की बधाई

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने दीजिए
कई टीवी चैनलों पर प्रसारित अपने एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया को पूरी होने दीजिए. न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बतौर सरकार हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी, उसके लिए हम हर कोशिश करने को तैयार हैं. संघ ने मोदी की टिप्पणी को राम मंदिर निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया. वहीं, शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने हैरानी जताते हुए कहा कि क्या मोदी के लिए कानून भगवान राम से भी बड़ा है.