ठाणे: सरकार पर दबाव बनाते हुए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए 1992 की तरह एक नया जन आंदोलन शुरू करने का संकेत दिया. आरएसएस महासचिव (सरकार्यवाह) सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा, “हमें भरोसा है कि राम मंदिर जल्द बनेगा. हम पहले ही लंबा इंतजार कर चुके हैं और अनिश्चित समय तक इंतजार नहीं कर सकते. अगर जरूरी हुआ तो हम एक जन आंदोलन शुरू करेंगे.” Also Read - Ram Mandir Bhumi Pujan: राम उत्सव के दिन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का धमकी भरा ट्वीट, हागिया सोफिया का दिया उदाहरण

जोशी ने कहा कि इतने लंबे समय से लंबित मुद्दे पर अदालत के फैसले का इंतजार भी लंबा हो गया है. उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर निर्माण का रास्ता निकालने के लिए कानूनी मंजूरी जरूरी है. अदालत के फैसले का इंतजार लंबा हो गया है. चूंकि मामला 29 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, तो हमें लगा कि हिंदुओं को दिवाली से पहले खुशखबरी मिल जाएगी.’’

जोशी ने कहा, ‘‘लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई से इनकार कर दिया और सुनवाई टाल दी. जब पूछा गया कि फैसला कब आएगा तो अदालत ने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकताएं अलग हैं.’’ संघ पदाधिकारी ने कहा कि यह दुख और पीड़ा का विषय है कि जिसे हिंदू अपनी आस्था मानते हैं और जिससे उनकी भावनाएं जुड़ी हैं, वह अदालत की प्राथमिकता सूची में नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘इससे हिंदू अपमानित महसूस कर रहे हैं.’’

उन्होंने अदालत से राम मंदिर जैसे संवेदनशील मामले पर प्राथमिकता के साथ विचार करने का आग्रह किया और भरोसा जताया कि इस संदर्भ में सभी कानूनी बाधाएं जल्द दूर होंगी. जोशी ने आरएसएस की मांग दोहराई कि सरकार को कानून बनाने या अध्यादेश लाकर राम मंदिर निर्माण का रास्ता प्रशस्त करना चाहिए. सुरेश भैयाजी जोशी की यह टिप्पणी भायंदर कस्बे के उट्टन बीच के निकट आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल सम्मेलन के तीसरे दिन समापन पर आई है.