नई दिल्ली, 23 अप्रैल | आम आदमी पार्टी (आप) की रैली में एक किसान की खुदकुशी की घटना से गुरुवार को राज्यसभा में हंगामा हुआ। विपक्ष के नेताओं ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग की। शून्यकाल शुरू होने के बाद सदन में हंगामा होने लगा और विपक्षी सदस्य अध्यक्ष की आसंदी के नजदीक जमा हो गए। विपक्षी सदस्यों ने मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग की। यह भी पढ़ें–राज्यसभा पहुंची किसान खुदकुशी की गूंज

कुछ देर के स्थगन के बाद सदन में कार्यवाही फिर शुरू हुई और विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने केंद्र सरकार और दिल्ली की आप सरकार को किसान की आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया।  आजाद ने कहा, ” अब हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों के किसान, जो देश को अनाज देते हैं, आत्महत्या कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने चुनाव से पूर्व किसानों की आत्महत्या रोकने का वादा किया था, लेकिन इसके बावजूद इन राज्यों में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, जहां कभी आत्महत्या नहीं होती थी।” यह भी पढ़ें– खुदकुशी की गवाह बनी आप की जनसभा

उन्होंने कहा, “स्थिति उस स्तर तक पहुंच गई है, जब गजेंद्र सिंह ने दिल्ली में आत्महत्या कर ली। केंद्र सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार दोनों ही दोषी हैं।” विपक्ष के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस पर बयान जारी करना चाहिए।  इधर, संसदीय कार्य मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री सवालों का जवाब देंगे, लेकिन विपक्ष ने हंगामा बरकरार रखा, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 15 मिटन के लिए स्थगित कर दी गई।  यह भी पढ़ें–किसान की खुदकुशी पर भाजपा, आप का प्रदर्शन

सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता मायावती ने सरकार से आत्महत्या के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।  जनता दल-युनाइटेड (जद-यू) नेता शरद यादव ने कहा, “आप किसानों के अनाज को चाहे समुद्र में फेंक दें, लेकिन उनके सारे अनाज को खरीदें। वरना राहत किसी और रास्ते से नहीं मिलेगी।” सदन की कार्यवाही इसके बाद भोजनावकाश के लिए स्थगित कर दी गई और इसके बाद मुद्दे पर चर्चा कराई जाएगी।