Corona Virus Vaccine: भारत ने रूस की कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) Sputnik-V का देश में बड़े पैमाने पर स्टडी के लिए ट्रायल की अनुमति दे दी है. सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने डॉ रेड्डी लेबोरेटरीज लिमिटेड ने देश में रूसी वैक्सीन का असर जानने के लिए बड़े पैमाने पर ट्रायल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. रूस छोटे पैमाने पर परीक्षणों के बाद टीकों को मंजूरी दे रहा है, जो Sputnik-V की सुरक्षा पर चिंता का कारण है और यही वजह थी कि डॉ रेड्डी को भारत में तुलनात्मक रूप से बड़ी आबादी के बीच इसका परीक्षण करने की अनुमति नहीं दी गई थी.Also Read - भारत में अब तक 85 प्रतिशत पात्र आबादी ने लगवाया कोरोना वैक्सीन का पहला टीका: मनसुख मांडविया

डॉ रेड्डीज और रूसी डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (RDIF) द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘यह एक बहु-केंद्र और नियंत्रित अध्ययन होगा, जिसमें सुरक्षा और प्रतिरक्षात्मक अध्ययन शामिल होगा.’ चूंकि रूस में एक टीका के रूप में पंजीकृत होने से पहले Sputnik-V का परीक्षण बहुत कम लोगों पर किया गया था, इसलिए डीसीजीआई ने डॉ रेड्डी के भारत में बड़ी आबादी के बीच परीक्षण के प्रारंभिक प्रस्ताव पर सवाल उठाए थे. वर्तमान में, स्पुतनिक वी वर्तमान में 40,000 लोगों पर परीक्षण के बाद पंजीकरण चरण तीन परीक्षण से गुजर रहा है. Also Read - Omicron को लेकर यूपी में गाइडलाइन जारी, दूसरे राज्य से गए तो मानने होंगे ये नियम, अस्पतालों में...

Sputnik-V वैक्सीन की मार्केटिंग करने वाली रसियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) और डॉ रेड्डी लेबोरेटरीज लिमिटेड ने पिछले महीने भारत में इस वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल और वितरण को लेकर समझौते का ऐलान किया था. साझेदारी के हिस्से के रूप में भारत को स्पुतनिक की 100 मिलियन खुराक मिलेगी. Also Read - Omicron के बीच दिल्ली में इस बीमारी का कहर, 15 लोगों की गई जान, बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा

भारत में कुछ ही दिन पहले इस वैक्सीन के ट्रायल को मंजूरी नहीं दी गई थी. रूस छोटे पैमाने पर परीक्षणों के बाद टीकों को मंजूरी दे रहा था जो स्पुतनिक वी की सुरक्षा पर चिंता का कारण है. यही कारण है कि डॉ रेड्डी को भारत में तुलनात्मक रूप से बड़ी आबादी के बीच इसका परीक्षण करने की अनुमति नहीं दी गई थी.