नई दिल्ली: विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बुधवार को कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में सूचना हासिल करने के लिए 2014 के बाद से भारत ने रूस से कई बार कई बार आग्रह किया, लेकिन मॉस्को की तरफ से यह बताया गया कि बोस से संबंधित दस्तावेज उसे रूसी अभिलेखागार में नहीं मिले. Also Read - DGCA ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर अगले महीने तक लगाई रोक

लोकसभा में प्रश्न के लिखित उत्तर में मुरलीधरन ने कहा कि भारत ने सूचना मांगी थी कि क्या अगस्त, 1945 से पहले या बाद में किसी समय बोस रूस में मौजूद थे तथा अगस्त, 1945 में या इसके बाद वह रूस से बाहर निकल गए थे, जैसा कुछ शोधकर्ताओं द्वारा कहा गया था. Also Read - देश के इस राज्‍य में कोरोना वायरस के संक्रमण से अब हुई पहली मौत

उन्होंने कहा कि अपने जवाब में रूस ने यही कहा कि उनको इस बारे में कोई दस्तावेज हासिल नहीं हुआ है. ऐसा माना जाता है कि आजाद हिंद फौज के संस्थापक बोस की 18 अगस्त, 1945 को ताइवान में हुई विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी.