नई दिल्ली: राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से सवाल किया था कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प के दौरान भारतीय सैनिक आखिर बिना हथियारों के क्यों थे? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? अब राहुल गांधी के इस सवाल का विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब दिया है. Also Read - Sachi Pilot News: अशोक गहलोत के साथ काम नहीं करना चाहते सचिन पायलट, बहुमत साबित करने की दे चुके हैं चुनौती

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राहुल गांधी के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कुछ तथ्यों की बात करते हैं. भारतीय सैनिक हमेशा ही सीमा पर ड्यूटी के दौरान हथियार लेकर चलते हैं. जब उन्होंने पोस्ट छोड़ा तब भारतीय सैनिकों के पास हथियार थे. भारतीय सैनिक निहत्थे नहीं थे, लेकिन एक समझौते के चलते उन्होंने गोलीबारी जैसा काम नहीं किया. Also Read - सचिन पायलट को मनाने में जुटी कांग्रेस, विधायक दल की बैठक में शामिल होने का फिर मिला न्यौता

विदेश मंत्री ने कहा कि 1996 और 2005 के समझौते के अनुसार, इस तरह की झड़प में सैनिकों को गोलीबारी करने की परमीशन नहीं है और हमारे सैनिकों ने इसीलिए अपने हथियारों से कोई फायर नहीं किया था. Also Read - राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से किया सवाल, पूछा- क्या अब भी भारत कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अच्छी स्थिति में है?

बता दें कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए. जबकि कई घायल हो गए. इस घटना के बाद दोनों देशों में तनाव है और भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. वहीं, इस घटना और विदेश नीति को लेकर विपक्ष भी केंद्र सरकार पर हमलावर है और सवाल पूछ रही है. केंद्र सरकार ने 19 जून को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे.