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सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने के पीछे किसका हाथ? 'सामना' में बड़ा दावा

Saamana bold claim about Sunetra Pawar appointment: सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं. इसे लेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के मुखपत्र सामना ने दावा किया है कि सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने के पीछे बीजेपी का बड़ा दांव है ताकि एनसीपी एकजुट न हो सके.

Written by: Satyam Kumar
Published: February 2, 2026, 6:10 PM IST

महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों बड़े उलटफेर देखने को मिल रहे हैं. राज्य में एनसीपी नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेना चर्चा का विषय बना हुआ है. इस बीच, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के मुखपत्र सामना ने अपने संपादकीय में इस शपथ ग्रहण को लेकर बड़े दावे किए हैं. आइये जानते हैं कि सामना के संपादकीय लेख में क्या कहा…

सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण

‘सामना’ के संपादकीय में सीधा आरोप लगाया गया है कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने के पीछे भारतीय जनता पार्टी का ‘मास्टरमाइंड’ काम कर रहा है. अखबार का दावा है कि अजित पवार के निधन के महज तीन दिन बाद सुनेत्रा पवार को शपथ दिलाना एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है. इस फैसले ने न केवल विपक्षी दलों को बल्कि पवार परिवार के अन्य सदस्यों को भी हैरान कर दिया है.

परिवार को नहीं थी भनक?

संपादकीय के अनुसार, सुनेत्रा पवार के इस बड़े राजनीतिक कदम की जानकारी एनसीपी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार, कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले या पवार परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं थी. यहां तक कि सुनेत्रा पवार ने बारामती से मुंबई रवाना होते समय भी परिवार कोई संकेत नहीं दिया था. वहीं, शरद पवार ने भी सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें इस शपथ ग्रहण के बारे में कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी.

NCP की एकजुटता के खिलाफ रणनीति

शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाया है कि बीजेपी नेतृत्व किसी भी कीमत पर एनसीपी के दोनों गुटों (अजित और शरद पवार गुट) को फिर से एकजुट होते नहीं देखना चाहता. सामना में आगे कहा गया है कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे वरिष्ठ नेताओं की महत्वाकांक्षाओं को दरकिनार कर सुनेत्रा पवार को आगे किया गया ताकि पार्टी की कमान पूरी तरह से बीजेपी के प्रभाव में रहे.

कंट्रोल किसके हाथ में?

संपादकीय में एक तीखी टिप्पणी की गई है कि भले ही सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री का पद और पतवार सौंप दी गई हो, लेकिन इस राजनीतिक जहाज का असली नियंत्रण और इंजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों में है. हालांकि, लेख में सुनेत्रा पवार से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा भी जताई गई है.

परंपराओं और नैतिकता पर सवाल

सामना में ना केवल राजनीतिक बल्कि वैचारिक और सांस्कृतिक सवाल भी उठाए हैं. लेख में कहा गया है कि सनातनी सोच रखने वाली बीजेपी के साथ गठबंधन में होने के बावजूद, पति के निधन के तुरंत बाद और अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने से पहले ही शपथ लेना हिंदुत्व की परंपराओं के खिलाफ है. इसे राजनीति

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