नई दिल्ली: 10 से 50 साल की महिलाओं को सबरीमला मंदिर में प्रवेश से रोकने की सदियों पुरानी परंपरा को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खत्म करने के बाद आज मंदिर के द्वार खुलने जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का केरल में जोरदार विरोध हो रहा है. इस बीच राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मंदिर दर्शन करने जाने वाले सभी लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. हालांकि भगवान अयप्पा की सैकड़ों महिला भक्तों ने निलाकल में मासिक धर्म की आयु वाली महिलाओं और लड़कियों को रोकने के लिए रास्ते में वाहन रोककर देखे और उन्हें आगे नहीं जाने दिया. इसके बाद तनाव और बढ़ गया. Also Read - बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा- गर्भवती हथिनी के कातिलों को दी जाए फांसी, ये बेहद अमानवीय

महिलाएं ही कर रही हैं महिलाओं का विरोध
भगवान अयप्पा की सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर जाकर उन महिलाओं को मंदिर से करीब 20 किलोमीटर पहले निलाकल में रोकने का प्रयास किया जिनकी आयु 10 से 50 साल है. ‘स्वामीया शरणम् अयप्पा’ के नारों के साथ भगवान अयप्पा भक्तों ने इस आयु वर्ग की लड़कियों और महिलाओं की बसें और निजी वाहन रोके और उन्हें यात्रा नहीं करने के लिए मजबूर किया. इन महिलाओं में पत्रकार रितू भी थीं, जिन्होंने दावा किया कि वह अपने कवरेज के काम से मंदिर जा रही हैं और उनका मंदिर में प्रवेश का कोई इरादा नहीं है. उनका ऐसा भी कुछ करने की मंशा नहीं है जिससे अयप्पा भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हों. सबरीमला जाने के रास्ते में निलाकल में भारी तनाव के बीच एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘मासिक पूजा के लिए मंदिर जब बुधवार शाम खुलेगा तो 10 से 50 साल की आयु की किसी महिला को निलाकल से आगे और मंदिर में पूजा-अर्चना की इजाजत नहीं दी जाएगी. Also Read - Kerala Pregnant Elephant Murder: केरल में प्रेग्नेंट हथिनी की हत्या पर बोले उद्योगपति रतन टाटा- 'दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो'

सीएम ने दी कड़ी चेतावनी
अति संवेदनशील विषय पर कठिन समय का सामना कर रहे मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंदिर में प्रवेश से श्रद्धालुओं को रोकने की कोशिश करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘हम सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे. किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी. मेरी सरकार सबरीमला के नाम पर कोई हिंसा नहीं होने देगी. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘श्रद्धालुओं को सबरीमला जाने से रोकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने उच्चतम न्यायालय के फैसले पर समीक्षा की मांग नहीं करने के सरकार के फैसले पर फिर से विचार किए जाने की संभावना खारिज कर दी. विजयन ने कहा, ‘हम उच्चतम न्यायालय के कहे का पालन करेंगे. Also Read - हथिनी की मौत का मामला: केरल के CM ने कहा- कार्रवाई होगी, मेनका गांधी बोलीं- राहुल गांधी क्यों नहीं ले रहे एक्शन?

बैठक में नहीं बनी कोई सहमति
वहीं इस जटिल मुद्दे के समाधान के लिए त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने मंगलवार को अहम बैठक बुलाई थी जिसमें कोई सहमति नहीं बन सकी. हालांकि भगवान अयप्पा के मंदिर समेत राज्य के 1200 से अधिक मंदिरों का प्रबंधन देखने वाले बोर्ड ने कहा कि पक्षकारों से बातचीत जारी रहेगी ताकि कोई समाधान निकल सके. बोर्ड ने फैसले के पुनर्विचार के लिए तैयार नहीं होने के अपने पहले के रुख से एक तरह से हटते हुए संकेत दिया कि 19 अक्टूबर को होने वाली बैठक में मामला उठाया जाएगा.
बैठक में मंदिर प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पक्षकारों ने भाग लिया जिनमें मंदिर के तंत्री (प्रमुख पुजारी), पंडालम शाही परिवार के सदस्य, अयप्पा सेवा समाजम और योग क्षेम सभा के सदस्य शामिल हैं. इस बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई क्योंकि टीडीबी उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करने के अपने रुख पर कायम रहा.

बीजेपी ने निकाली थी रैली
सबरीमला मंदिर में सभी उम्रवर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति संबंधी कोर्ट के आदेश को लागू करने का विरोध करते हुए हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को केरल राज्य सचिवालय की ओर मार्च किया. महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भगवान अयप्पा का मंत्रोच्चार करते हुए राज्य सचिवालय की ओर मार्च किया. उनके हाथों में भगवान अयप्पा की माला वाली तस्वीरें थीं. पिछले हफ्ते पंडलाम से शुरू हुई विशाल पदयात्रा वाम सरकार द्वारा भगवान अयप्पा की संवेदनाओं पर विचार किये बगैर शीर्ष अदालत के फैसले को लागू करने के फैसले के खिलाफ थी.

एक्टर ने की थी विवादित टिप्पणी
केरल पुलिस ने सबरीमला मंदिर मुद्दे को लेकर राजग की एक विरोध बैठक के दौरान महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मलयाली अभिनेता कोल्लम थुलासी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था. कोल्लम में शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाजपा के समर्थक थुलासी ने कथित तौर पर कहा था कि, ‘भगवान अय्यपा के मंदिर आने वाली, प्रतिबंधित उम्र समूह की महिलाओं को चीर देना चाहिए. थुलासी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत शनिवार को एक मामला दर्ज किया गया. हालांकि अपनी टिप्पणी के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहे अभिनेता ने बाद में खेद जताते हुए दावा किया था कि वह भावनाओं में बह गये थे.