कोच्चि: केरल में सबरीमाला मंदिर जाने को लेकर कोच्चि हवाई अड्डे पर भाजपा कार्यकर्ताओं समेत श्रद्धालुओं और अन्य के साथ करीब 12 घंटे के गतिरोध के बीच कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने कहा कि पुलिस ने उनसे पुणे वापस जाने को कहा है. भगवान अयप्पा मंदिर के द्वार ‘मंडाला मक्कारविल्लाक्कु’ पूजा के लिए खोले जाने के बीच ये घटनाक्रम हुआ है. देसाई ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ एक बैठक की थी. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘ पुलिस ने मुझसे पुणे वापस लौटने का अनुरोध किया है.’’ उन्होंने आज रात पुणे वापस लौटने के साथ प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर भी धमकाने के आरोप लगाए.

इसस पहले कोच्चि हवाई अड्डे पर शुक्रवार को नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब सबरीमाला मंदिर जाने के लिए शुक्रवार तड़के यहां पहुंचीं महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकलने दिया गया. भगवान अयप्पा मंदिर में सभी आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे भक्तों और अन्य के विरोध प्रदर्शन के कारण तृप्ति हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकल पाईं.

नेदुम्बासेरी स्थित हवाई अड्डे पर उस समय तनाव पैदा हो गया जब भक्तों और भाजपा कार्यकर्ताओं सहित अन्य ने कहा कि वे तृप्ति तथा उनके साथ आईं छह अन्य महिलाओं को सबरीमाला मंदिर नहीं जाने देंगे. यह मंदिर शुक्रवार शाम को खुल गया है. पुणे की रहने वाली तृप्ति शुक्रवार तड़के चार बजकर 40 मिनट पर यहां उतरीं. उन्होंने कहा कि मंदिर में दर्शन किये बिना उनके वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी आयुवर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति संबंधी 28 सितंबर को आदेश दिये जाने के बाद यह मंदिर तीसरी बार खुला है. गतिरोध के बीच, भाजपा ने मांग की कि तृप्ति और उनकी सहयोगियों को पुणे वापस भेजा जाए. बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस ने बाद में 200 भक्तों के खिलाफ मामला दर्ज किया. हालांकि पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास नहीं किया.

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हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल पर हो रहे प्रदर्शन को सही ठहराते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पी एस श्रीधरन पिल्लै ने कहा कि भगवान अयप्पा के भक्त कार्यकर्ताओं के मंदिर में प्रवेश के फैसले से नाराज हैं. उन्होंने कहा, ‘‘तृप्ति भगवान अयप्पा के भक्तों को चुनौती दे रही हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए. सरकार उनकी यात्रा के खिलाफ राज्य में बढते प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें वापस भेजे.’’

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पुलिस ने कहा कि तृप्ति और उनकी सहयोगियों को जाने से रोकने पर करीब 200 भक्तों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि उन पर गैरकानूनी जमावड़े, लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा और धमकी देने सहित भादंसं की विभिन्न धाराओं के आरोप लगे हैं.

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प्रदर्शन की निंदा करते हुए केरल देवस्वोम मंत्री कडकामपल्ली सुरेंद्रन ने एक नागरिक के आवागमन को रोकने के लिए भाजपा द्वारा ‘‘किये गये प्रदर्शन’’ को ‘‘असभ्य’’ करार दिया. कांग्रेस और भाजपा पर कटाक्ष करते हुए सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ता इन दोनों दलों से करीबी रूप से जुड़ी हुई हैं और अगर भाजपा और कांग्रेस के नेता मांग करें तो तृप्ति वापस लौट जाएंगी. एक ओर श्रद्धालु इस बात पर अड़े हुए हैं कि उन्हें हवाईअड्डे से बाहर नहीं आने दिया जाएगा. वहीं तृप्ति का कहना है कि मंदिर में दर्शन किए बिना लौटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. हवाई अड्डे पर टैक्सी चालकों ने कहा कि वे तृप्ति और उनकी सहयोगियों को हवाई अड्डे से बाहर लेकर नहीं जाएंगे.