आपातकाल की 45वीं बरसी पर आज सत्तारूढ़ भाजपा लगातार कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर रही है. पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक सभी नेता कांग्रेस खासकर गांधी परिवार पर हमलावर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए लड़ने वाले लागों को देश कभी नहीं भूल पाएगा. मोदी ने ट्वीट किया, ‘आज से ठीक 45 वर्ष पहले देश पर आपातकाल थोपा गया था. उस समय भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए जिन लोगों ने संघर्ष किया, यातनाएं झेलीं, उन सबको मेरा शत-शत नमन.’उन्होंने कहा कि उनका त्याग और बलिदान देश कभी नहीं भूल पाएगा. Also Read - छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया का बड़ा बयान, बोले- अब भाजपा में हैं सचिन पायलट

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के प्रति बेहद हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि एक परिवार के हित दलीय व राष्ट्रीय हितों पर हावी हो गए हैं. उन्होंने साथ ही सवाल किया कि ‘आपातकाल की मानसिकता’क्यों आज भी कांग्रेस में विद्यमान है. Also Read - पार्टी सचिन पायलट को सुनने के लिए तैयार है, मीटिंग में आने का इंतजार: कांग्रेस महासचिव

आपातकाल के 45 साल पूरे होने पर शाह ने एक के बाद एक सिलसिलेवार ट्वीट किए और दावा किया कि कांग्रेस के नेता अब अपनी ही पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं. उनके मुताबिक जनता से विपक्षी पार्टी की दूरी बढ़ती जा रही है. Also Read - Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट के आगे कुआं, पीछे खाई! उपमुख्यमंत्री का क्या होगा अगला कदम?

शाह ने कहा, ‘‘45 साल पहले आज ही के दिन एक परिवार की सत्ता की लालसा ने देश पर आपातकाल थोपा. रातों-रात देश को कैदखाने में तब्दील कर दिया गया. प्रेस, अदालतें और यहां तक कि बोलने की आजादी भी कुचल दी गई. गरीबों और दबे-कुचलों पर अत्याचार किये गये.’’

देश में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच 21 महीने की अवधि तक आपातकाल लागू रहा. इंदिरा गांधी उस समय देश की प्रधानमंत्री थीं.

पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लाखों लोगों के प्रयासों की बदौलत आपातकाल हटा और लोकतंत्र बहाल किया गया. ‘‘लेकिन यह लोकतंत्र आज भी कांग्रेस पार्टी से नदारद है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक परिवार का हित दलीय और राष्ट्रीय हितों पर हावी हो गया. आज की कांग्रेस का भी यही सूरते-हाल है.’’

पिछले दिनों हुई कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक का जिक्र करते हुए शाह ने दावा किया कि उसमें पार्टी के कुछ वरिष्ठ और युवा नेता कुछ मुद्दे उठाना चाहते थे लेकिन उन्हें चुप करा दिया गया.