
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने इंटर रिलिजन मैरिज को लेकर बड़ा बयान दिया है. पूर्व सांसद ने इंटर रिलिजन मैरिज के ट्रेंड से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जो बेटी दूसरे धर्म में शादी करें, उसकी टांगे तोड़ दो. अपने संबोधन में साध्वी प्रज्ञा ने यह भी कहा कि जो बेटी अपने पिता-भाई की बात नहीं मानती और किसी विधर्मी के यहां जाने की कोशिश करती है तो उसकी टांगे तोड़ दो. साध्वी ने यह भी कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को प्रताड़ना उनके भले के लिए ही देते हैं. प्रज्ञा ठाकुर ने ये बातें भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं.
इससे पहले साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने यूपी के इटावा में एक कार्यक्रम के दौरान भी कहा था कि हमारे यहां ‘लव जिहाद’ चल रहा है और विधर्मियों की इतनी हिम्मत हो गई है कि भाई के रहते बहन को उठाकर ले जाते हैं, पिता के रहते बेटियों को उठाकर ले जाते हैं, और पति के रहते पत्नी को प्रेम जाल में फंसाकर ले जाते हैं. वे अपने झूठे नाम बताते हैं और मातृशक्ति का भाव बिगाड़कर उन्हें अपने यहां ले जाते हैं, जबकि हमारे यहां के पुरुष सोते रह जाते हैं, जो हमारे लिए शर्म की बात है.
प्रज्ञा ठाकुर ने सनातन धर्म के अनुयायियों को सलाह देते हुए आगे कहा कि सनातन धर्म के अनुयायियों को अपने धर्म, समुदाय और महिलाओं की गरिमा तथा सुरक्षा के प्रति सजग और संगठित रहना चाहिए. यदि किसी भी तरह की अनैतिक या आपराधिक घटना सामने आती है, जिससे किसी सनातनी महिला का अपमान या उत्पीड़न होता है, तो हमें कानूनी, सामाजिक और आत्म-रक्षा के सभी प्रभावी साधनों का उपयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम जिस महान भूमि के वासी हैं, हमें उस भूमि की नैतिक और धार्मिक विरासत की रक्षा करनी चाहिए। अगर हम अपने पड़ोस, देश और धर्म की लाज नहीं बचा पाए, तो हमारा होना व्यर्थ है.
प्रज्ञा ने चंबल क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि पुरुषार्थी पुरुषार्थ करते हैं. मैं बताना चाहती हूं कि अंग्रेजों को पराजित करने का काम चंबल क्षेत्र के लोगों ने किया है. जब अंग्रेज चंबल के ग्रामीण क्षेत्रों में कर लेने के लिए आते थे, तो उस समय लोगों ने प्रताड़ना के बावजूद उन्हें कर नहीं दिया. चंबल का पानी ऐसा ही है. अगर कोई हमारी मर्यादा को आंच पहुंचाएगा और उसके बावजूद खून नहीं खोलेगा, तो पुरुषों को अपने बारे में सोचना होगा कि क्या वे वास्तव में मर गए हैं या फिर जिंदा हैं. उन्होंने आगे कहा कि मैं कहूंगी कि मर-मरकर जीने के बजाय जीवन जीकर मरो, अगर आप ऐसा करते हैं तो पूरा देश साथ खड़ा होगा.
इनपुट: IANS
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