देश में जारी कोरोना संकट के बीच फर्जी खबरों का चलन भी तेजी से बढ़ा है. हाल के दिनों में कई न्यूज वेबसाइट और सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हुई थी, जो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से जुड़ा था. खबर में दावा किया गया था कि ‘श्रम कानून में बदलाव की वजह से अगले साल से सरकारी कर्मचारियों का वेतन कम हो जाएगा’. हालांकि पीआईबी की फैक्ट चेक (PIB fact Check) में यह दावा फर्जी पाया गया. Also Read - सूरत हादसे में मारे गए प्रवासी मजदूरों के परिजनों को दो-दो लाख का मुआवजा, पीएम ने जताया शोक

PIB fact Check की तरफ से ट्वीट किया गया, ‘एक न्यूज आर्टिकल में दावा किया जा रहा है कि श्रम कानून में बदलाव होने के कारण अगले साल से सरकारी कर्मचारियों का वेतन कम हो जाएगा. यह दावा फर्जी है. वेतन विधेयक, 2019 केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा.

इससे पहले एक खबर में यह दावा किया जा रहा था कि ‘भारत सरकार की तरफ से जारी नए नियम के मुताबिक अगर किसी शख्स ने 3 महीने तक राशन कार्ड (Ration Card) का इस्तेमाल नहीं किया तो यह मान लिया जाएगा कि वह व्यक्ति अब सक्षम है. ऐसे में उसे राशन की जरूरत नहीं है और उसका राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा.

सरकार की तरफ से इसे लेकर स्पष्टीकरण जारी किया गया. इसमें यह कहा गया कि यह दावा फर्जी है और सरकार की तरफ से राशन कार्ड के नियमों (Ration Card New Rules) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी तीन महीने की बात वाली खबर बेबुनियाद और गलत है.

PIB Fact Check की तरफ से ट्वीट किया गया, ‘कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को निर्देश जारी किए हैं कि तीन महीने तक राशन नहीं लिए जाने की स्थिति में राशन कार्ड रद्द किया जा सकता है. PIB की Fact Check में यह दावा फर्जी पाया गय और कहा गया कि केंद्र सरकार ने ऐसे कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए हैं.

इससे पहले सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि भारत सरकार देश के सभी छात्रों को मुफ्त में लैपटॉप (Free Laptop) दे रही है. मैसेज से साथ एक वेबसाइट का लिंक भी दिया गया है. हालांकि यह न्यूज फेक है और मोदी सरकार इस तरह की कोई योजना नहीं चला रही है. PIB Fact Check की तरफ से ट्वीट कर बताया गया कि सरकार ने ऐसी कोई योजना शुरू नहीं की है और यह दावा गलत है.

इससे पहले एक टेक्स्ट मैसेज वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री पेंशन योजना के तहत आपको 70 हजार रुपये मिलेंगे. ये मैसेज लोगों के मोबाइल पर आ रहे थे, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आप प्रधानमंत्री पेंशन योजना (PM Pension Yojana) के तहत 70 हजार रुपये पाने के हकदार है. हालांकि इस मैसेज की जब पड़ताल की गई तो यह गलत पाया गया. PIB की Fact Check में यह दावा भी गलत पाया गया.

बता दें कि सरकार की तरफ से बार-बार अपील की जाती रही है कि जब तक आधिकारिक घोषणा न हो तब तक भ्रामक खबरों (Fake News) पर यकीन नहीं करें. इसके लिए PIB की तरफ से Fact Check की भी शुरुआत की गई है. इसका उद्देश्य लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और भ्रामक खबरों के खिलाफ सचेत करना है. पीआईबी ने इस दावे को क्रॉस चेक किया और पाया कि यह जानकारी फर्जी है.

बता दें कि प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इंटरनेट पर प्रचलित गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों को रोकने के लिए दिसंबर 2019 में इस तथ्य-जांच विंग को लॉन्च किया. पीआईबी का उद्देश्य ‘सरकार की नीतियों और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित होने वाली योजनाओं से संबंधित गलत सूचना की पहचान करना है.’