जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खरीद फरोख्त वाले बयान पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि गहलोत ने स्वयं ने बसपा विधायकों को इसी जरिए अपनी पार्टी में शामिल किया था. उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की जब कहीं भी सुनवाई नहीं हुई, तब उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया. इसमें भाजपा क्या कर सकती है? Also Read - Rajasthan Lockdown Guidelines: राजस्थान में 3 मई तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियां, क्या-क्या खुलेगा और कहां रहेगी पाबंदी; 10 बातें...

पुनियां ने कहा कि सिंधिया लंबे समय से चुनावी घोषणापत्र के वादों को पूरा करने की मांग कर रहे थे. उन्होंने सड़क पर उतरने की बात भी कही थी, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी. अंत में उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया. इसमें भाजपा क्या कर सकती है? एक बयान में उन्होंने कहा कि इसी तरह राजस्थान में भी किसानों की कर्ज माफी, बेरोजगारों को रोजगार भत्ता देने का वादा सरकार पूरा नहीं कर पा रही है. इससे जनता में रोष है. Also Read - Rajasthan University Exam 2021: राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षा स्थगित, शिक्षा मंत्री ने दी ये लेटेस्ट जानकारी

पूनियां ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने छह महीने पहले बसपा के विधायकों को खरीद-फरोख्त के जरिए ही कांग्रेस में शामिल किया था, जब उनकी शर्म कहां थी. यह पहला वाकया नहीं है. इससे पहले भी गहलोत ऐसा कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि गहलोत जब खुद ऐसी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं तो उन्हें ऐसे बयान देने का कोई हम नहीं है. Also Read - Rajasthan News: गहलोत सरकार ने 8 जिलाधिकारियों समेत 67 IAS अफसरों का किया तबादला