पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार से लगता है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पूरी तरह डंवाडोल हो गई है. वह संभवतः प्रशासनिक मामलों में भी ठीक से फैसले नहीं ले पा रही है. ये हम नहीं बल्कि ऐसा राज्य सरकार के हर रोज बदलते फैसले से पता चलता है. अब आप ही देख लीजिये. बिधाननगर पुलिस आयुक्त मामला आपके सामने है. वह पिछले चार दिन में चार बार पुलिस आयुक्त बदले जा चुके हैं. सॉल्टलेक शहर को ही बिधाननगर कहा जाता है. यह कोलकाता का उपनगर है.

बुधवार को बिधाननगर पुलिस प्रमुख के रूप में नियुक्त भरत लाल मीणा को 24 घंटे के भीतर सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्तालय में आयुक्त के पूर्व पद पर वापस भेज दिया गया. उन्हें निशत परवेज की जगह यह जिम्मेवारी दी गई थी. निशत परवेज को सोमवार को ही ज्ञानवंत सिंह की जगह बिधाननगर का पुलिस आयुक्त बनाया गया थ. मजेदार बात यह है कि चुनाव आयुक्त की ओर से विधाननगर के पुलिस आयुक्त बनाए गए एन. रमेश बाबू की जगह रविवार को ही ज्ञानवंत सिंह को यह जिम्मेवारी सौंपी गई थी.

राज्य सरकार के एक आदेश के अनुसार अब आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के सीपी को अब बिधाननगर पुलिस का नया आयुक्त बनाया गया है. बीते कुछ दिनों में पश्चिम बंगाल सरकार बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के आयुक्तों को कई बार बदल चुकी है. इसके अलावा राज्य सरकार ने आठ आईपीएस अधिकारियों के अलावा कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के भी स्थानांतरण किए है.