कौन हैं सनातन पांडेय? संसद में बहस करते-करते देने लगे गाली; देखें Video

Sanatan Pandey:लोकसभा में सपा सांसद सनातन पांडेय सरकार पर हमला करते करते कुछ ऐसा बोल गए जिसकी सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में हर कोई अलोचना कर रहा है.

Published date india.com Updated: March 12, 2026 6:12 PM IST
Sanatan Pandey SP MP
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Sanatan Pandey in Lok Sabha:लोकसभा में अक्सर बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिलती है. कई बार माहौल इतना गर्म हो जाता है कि बात बहस से आगे बढ़कर नोकझोंक तक पहुंच जाती है. हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जब बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय ने सरकार की आलोचना करते-करते कुछ ऐसे शब्द बोल दिए, जिसकी सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस बयान की आलोचना हो रही है.

विपक्ष को बोलने नहीं देने का मुद्दा

दरअसल, संसद में बोलते समय सनातन पांडेय ने यह मुद्दा उठाया कि विपक्ष के नेताओं को अपनी बात ठीक से रखने का मौका नहीं मिलता. उनका कहना था कि जब भी विपक्ष का कोई सदस्य बोलना शुरू करता है, तो सत्ता पक्ष के कुछ सांसद बीच में टोका-टोकी करने लगते हैं. इसी बात को लेकर वे काफी नाराज हो गए. बहस के दौरान उनका गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों पर तीखी टिप्पणी कर दी.

गुस्से में बोल गए अपशब्द

अपने भाषण के दौरान सनातन पांडेय ने कहा कि जब भी विपक्ष अपनी बात रखने की कोशिश करता है, तो सत्ता पक्ष के कुछ लोग उसकी आवाज दबाने की कोशिश करते हैं. इसी दौरान उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर दिया जो संसद जैसी जगह पर नहीं बोले जाने चाहिए. उनके यह कहते ही सदन का माहौल बदल गया. कुछ सांसदों ने इस पर आपत्ति जताई, जबकि कुछ लोग हैरान रह गए. मामला बढ़ता देख स्पीकर ओम बिरला ने तुरंत हस्तक्षेप किया. बिरला ने उन्हें सदन की मर्यादा का ध्यान रखने की सलाह दी और कहा कि सांसदों को अपनी बात सभ्य भाषा में रखनी चाहिए. इसके बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ, लेकिन इस बयान की चर्चा जारी रही.
देखें वीडियो-

कौन हैं सनातन पांडेय

सनातन पांडेय उत्तर प्रदेश के बलिया से आने वाले समाजवादी पार्टी के नेता हैं. वे कई सालों से राजनीति में सक्रिय हैं. उन्होंने पांच बार विधानसभा चुनाव और दो बार लोकसभा चुनाव लड़ा है. वे पहले एक बार विधायक भी रह चुके हैं. उनका संबंध रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के पांडेयपुर इलाके से बताया जाता है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पॉलिटेक्निक किया और फिर गन्ना विकास परिषद में जेई के रूप में नौकरी शुरू की. लेकिन 1996 में उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. इसके बाद से वे लगातार पार्टी के साथ जुड़े रहे और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे.

2024 में बने बलिया के सांसद

राजनीतिक सफर में उन्हें कई बार पार्टी का भरोसा मिला. पहले उन्हें चिलकहर सीट से टिकट मिला और वे जीत भी गए. बाद में परिसीमन के बाद रसड़ा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन जीत नहीं पाए. साल 2019 में उन्होंने बलिया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा. हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी किस्मत चमक गई और वे बलिया से सांसद बनकर संसद पहुंचे. अब उनके हालिया बयान को लेकर राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और कई लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

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