योग्यता 5वीं कक्षा, 18 हजार सैलरी, 187 वैकेंसी... पेपर देने MBA वाले भी पहुंचे, 8000 कैंडिडेट्स ने एयरपोर्ट रनवे पर दी परीक्षा

सुबह से ही युवा जमा होने लगे और रनवे पर पंक्तिबद्ध बैठाए गए. खुले मैदान ने निगरानी आसान बनाई और भीड़भाड़ से बचाव किया.

Published date india.com Published: December 20, 2025 10:22 AM IST
रन वे पर परीक्षा
रन वे पर परीक्षा

ओडिशा के संबलपुर जिले में होम गार्ड भर्ती के लिए हुए पेपर के दौरान अलग ही मामला सामने आया. यहां महज 187 पदों के लिए करीब 8 से 9 हजार उम्मीदवारों ने पेपर में हिस्सा लिया था. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने जमदारपाली एयरस्ट्रिप को परीक्षा केंद्र बनाया, जहां खुले आसमान के नीचे रनवे पर बैठकर सभी ने लिखित परीक्षा दी. पेपर देते हुए लोगों की तस्वीरों और वीडियो की खूब चर्चा हो रही है. लोग कह रहे हैं कि या राज्य में बढ़ती बेरोजगारी की कड़वी सच्चाई को उजागर कर रहा है.

भर्ती की पृष्ठभूमि

संबलपुर पुलिस ने जिले के विभिन्न थानों में सहायता के लिए इन होम गार्ड पदों की भर्ती निकाली थी. मुख्य कार्य पुलिस वाहनों की ड्राइविंग और कंप्यूटर से जुड़े बुनियादी काम होंगे. इस पद के लिए दैनिक मानदेय 612 रुपये तय है, जो मासिक रूप से लगभग 18 हजार रुपये बनता है. योग्यता केवल पांचवीं कक्षा पास रखी गई, फिर भी आवेदनों की बाढ़ आ गई. करीब 10-11 हजार युवाओं ने फॉर्म भरा, लेकिन 8 हजार से अधिक परीक्षा में शामिल हुए.

परीक्षा स्थल का अनोखा चुनाव

परंपरागत स्कूल-कॉलेजों में इतने उम्मीदवारों को समेटना असंभव था,  इसलिए जमदारपाली हवाई पट्टी को चुना गया, जो आमतौर पर कम उपयोग में रहती है.  सुबह से ही युवा जमा होने लगे तो उन्हें और रनवे पर लाइन में बैठाया गया. यहां बैठाने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि खुले मैदान ने निगरानी आसानी से रखी जा सकती है. इस जगह भीड़भाड़ से बचाव किया किया जा सकता है. इस परीक्षा में आए टॉपिक्स में सामान्य ज्ञान और निबंध जैसे प्रश्न शामिल थे, जिसके लिए 90 मिनट का समय मिला था.

सुरक्षा और व्यवस्था

परीक्षा शांतिपूर्ण रही, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. एसपी मुकेश भामू के निर्देश पर तीन अतिरिक्त एसपी, दर्जनों इंस्पेक्टर और सैकड़ों कर्मी मौजूद रहे. ड्रोन से भी निगरानी की गई ताकि कोई गड़बड़ी न हो. यह इंतजाम इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए जरूरी था.

बेरोजगारी की गंभीर तस्वीर

यह घटना युवाओं में सरकारी नौकरी की ललक और रोजगार संकट को दर्शाती है. कई उम्मीदवार उच्च शिक्षित थे, जैसे इंजीनियर, एमबीए और आईटीआई धारक, जो निजी क्षेत्र में अवसर न मिलने से ऐसे पदों की ओर मुड़े. वायरल वीडियो और फोटो ने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी, जो ओडिशा में बढ़ते बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रकाश डालते हैं. प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि अधिक रोजगार सृजन हो. यह परीक्षा 16 दिसंबर को आयोजित हुई थी.

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