Sambhal Violence Ajmer Dargah Temples Are Being Searched Under Every Mosque A Conspiracy To Push The Country Towards Civil War Said Molana Yasoob Abbas
संभल हिंसा, अजमेर दरगाह: 'हर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजे जा रहे हैं, देश को गृह युद्ध की ओर धकेलने की साजिश'
उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर को अदालत के आदेश पर शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई और कम से कम 25 लोग घायल हो गए.
संभल हिंसा और अजमेर दरगाह के सर्वे पर शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि हिंदुस्तान में एक बार फिर से तबाही का माहौल बनाया जा रहा है. मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि जिस तरह से देश में यह नया चलन शुरू हुआ है कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजे जा रहे हैं, हर मकान के नीचे मंदिर तलाशे जा रहे हैं, क्या वह देश को फिर से एक बार गृह युद्ध के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं? देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और प्रधानमंत्री मोदी सबके विश्वास की बात कर रहे हैं. इसके बावजूद देश को तबाही और बर्बादी की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा कि संभल में जो हुआ, वह एक खून की होली थी, जो पूरी तरह से तबाही का रूप ले चुकी थी. महिलाओं की गोदें उजड़ीं, औरतों के सुहाग लूटे गए. क्या यही होना चाहिए था? अजमेर दरगाह का इतिहास 800 साल पुराना है, वहां पर भी मंदिर ढूंढे जा रहे हैं. इस दरगाह पर मुसलमानों से ज्यादा हिंदू जाते हैं, यहां इंसानियत और भाईचारे का संदेश दिया जाता है, लेकिन अब यहां भी मंदिर बनाने की बात हो रही है. बाबरी मस्जिद के बाद हर जगह मंदिर बनाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा कि आज हिंदुस्तान में चाहे हिंदू हों, मुसलमान हों, सिख हों या ईसाई हों, सब के पास मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च हैं. यह धर्म का मामला नहीं है, बल्कि लोगों की आस्था का सवाल है. अब फैजाबाद में जो कतार लगी थी, वह पूरी तरह से रद्द हो गई. लाइट्स, फ्लाइट्स, और आस्था का सवाल अब कहां चला गया? जब इंसान को शांति की जरूरत होगी तो वह मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, या चर्च जाएगा. धर्म के नाम पर कोई भी मतभेद नहीं होना चाहिए. इस देश को तबाही से बचाने के लिए हम सबको खड़ा होना होगा, हर उस चेहरे को पहचानना होगा जो हिंदुओं को मुसलमान से और मुसलमानों को हिंदू से लड़वाने की बात कर रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि हमारा देश इतना बड़ा है, इतना विशाल है, यहां जमीन की कोई कमी नहीं है. अगर मंदिर बनाना है तो कहीं भी बनाइए, कोई एतराज नहीं है. लेकिन मस्जिदों के नीचे जाकर शिवलिंग या मंदिर ढूंढने की कोशिश न कीजिए. इस तरह के प्रयास केवल देश की शांति और अमन को नष्ट करने के लिए किए जा रहे हैं. हम सबको एकजुट होकर इस मुल्क में लड़ाई-झगड़ा नहीं होने देंगे. अगर हम एकजुट हो गए तो हिंदुस्तान फिर से सोने की चिड़िया कहलाएगा.
‘गलत’ तरीके से फंसाए लोगों को कानूनी मदद देगी सपा
समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने संभल हिंसा मामले के आरोपियों से सोमवार को मुरादाबाद जिला जेल में मुलाकात की और उन लोगों को कानूनी मदद का आश्वासन दिया, जिन पर ‘‘झूठा’’ मामला दर्ज किया गया है. पार्टी के पूर्व लोकसभा सदस्य और मुरादाबाद के पूर्व महापौर एस.टी हसन ने यह जानकारी दी.
क्या था मामला
उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर को अदालत के आदेश पर शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई और कम से कम 25 लोग घायल हो गए. पुलिस ने हिंसा के लिए 2,750 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें से अधिकांश अज्ञात हैं. संभल मामले में जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें समाजवादी पार्टी के संभल से सांसद जिया उर रहमान बर्क और संभल के विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल भी शामिल हैं.
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