इंदौर. मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को 230 सीटों पर मतदान हो रहा है. इस दौरान इंदौर जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों के चार उम्मीदवारों की पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति हो सकती है. इसकी दिलचस्प वजह यह है कि चारों उम्मीदवारों के चुनावी नाम एक जैसे हैं.

राऊ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेता मधु वर्मा (66) को बतौर उम्मीदवार मैदान में उतारा है. इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व चेयरमैन वर्मा का पहला नाम असल में “महादेव” है. लेकिन स्थानीय लोगों में वे “मधु” के उपनाम से चर्चित हैं. यही वजह है कि वह “मधु वर्मा” के नाम से ही चुनाव लड़ रहे हैं. कमल के फूल के चुनाव चिन्ह वाले 66 वर्षीय भाजपा उम्मीदवार की पहचान को सीधी चुनौती देते हुए एक और मधु वर्मा (29) निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में खड़े हैं. निर्दलीय उम्मीदवार को चुनाव चिन्ह के रूप में “फूलगोभी” आवंटित की गई है.

10 उम्मीदवार
राऊ विधानसभा क्षेत्र में इस बार कुल 10 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. लेकिन मुख्य चुनावी मुकाबला प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष तथा इसी सीट से मौजूदा विधायक जीतू पटवारी और भाजपा उम्मीदवार मधु वर्मा के बीच है. निवर्तमान भाजपा विधायक और पार्टी की प्रदेश इकाई की उपाध्यक्ष उषा ठाकुर (52) भी अपने नये विधानसभा क्षेत्र महू में हमनाम प्रतिद्वंद्वी की चुनौती का सामना कर रही हैं. इस क्षेत्र से उषा ठाकुर (34) नाम की निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव में खड़ी हैं जिनका चुनाव चिन्ह “अलमारी” है.

11 उम्मीदवार हैं
वैसे तो महू में कुल जमा 11 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. लेकिन निर्णायक चुनावी टक्कर भाजपा उम्मीदवार उषा ठाकुर और कांग्रेस प्रत्याशी अंतर सिंह दरबार के बीच होने वाली है. “दीदी” के रूप में मशहूर ठाकुर ने 2013 का पिछला विधानसभा चुनाव इंदौर-तीन क्षेत्र से जीता था. भाजपा के अंदर बदले समीकरणों के कारण उन्हें इस बार महू से चुनावी मैदान में उतरना पड़ा है.