नई दिल्ली: पाकिस्तान ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए गुरुवार को वाघा सीमा पर समझौता एक्सप्रेस ट्रेन रोक दी, जिसके बाद भारतीय चालक दल और गार्ड ट्रेन लेकर अटारी रेलवे स्टेशन पहुंचे. रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान से तकरीबन 110 यात्री भारत आए. बता दें कि भारत के साथ पाकिस्तान के राजनयिक संबंधों का दर्जा घटाने की घोषणा के एक दिन बाद पाक के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने इस्लामाबाद में मीडिया को बताया कि उनके देश ने समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा बंद कर दी है. दूसरी ओर यहां रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन निलंबित नहीं की गई है.

 

उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि ट्रेन को निबलंबित नहीं किया गया है. यह चलेगी. पाकिस्तान के अधिकारियों ने समझौता एक्सप्रेस के चालक दल और गार्ड की सुरक्षा के लिए कुछ चिंता जाहिर की थी. हमने उनसे कहा कि इस तरफ हालात सामान्य है. उन्होंने बताया कि हमारे चालक दल और गार्ड के साथ हमारा इंजन ट्रेन को अटारी ले आया है. कुमार ने बताया कि भारत की तरफ से पाकिस्तान जाने के लिये कुल 70 यात्री इंतजार कर रहे थे.


लाहौर और दिल्ली से अटारी पहुंचती है समझौता एक्सप्रेस
ट्रेन के परिचालन के बारे में सविस्तार बताते हुए कुमार ने कहा कि लाहौर और दिल्ली से समझौता एक्सप्रेस अटारी पहुंचती है. लाहौर से दिल्ली आने वाले यात्री अटारी में भारतीय ट्रेन में सवार होते हैं. इसी तरह लाहौर जाने वाले यात्री पाकिस्तान की ट्रेन में सवार होते हैं. पाकिस्तानी ट्रेन फिर वापस वाघा जाती है और वहां से लाहौर के लिए रवाना होती है. गुरुवार को समझौता एक्सप्रेस लाहौर से अटारी नहीं पहुंची, बल्कि पाकिस्तान में वाघा में ही रुकी रही.


22 जुलाई 1976 को शुरू हुई थी समझौता एक्सप्रेस
समझौता एक्सप्रेस में छह शयनयान डिब्बे और एक एसी 3-टियर का डिब्बा है. शिमला समझौते के तहत इस ट्रेन सेवा की शुरूआत 22 जुलाई 1976 को की गयी थी. पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच उत्पन्न तनाव की पृष्ठभूमि में पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस साल 28 फरवरी को कुछ समय के लिए इस ट्रेन सेवा को निलंबित कर दिया था. पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.